चण्डी (उत्कीलन-१) जप मंत्र
ॐ ह्रीं क्लीं श्रीं क्रां क्रीं चण्डिकादेव्यै शापनाशानुग्रहं कुरु कुरु स्वाहा
दुर्गा सप्तशती एवं नवार्ण मंत्र के शाप का शमन और अनुग्रह की प्राप्ति। 29
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
दुर्गा सप्तशती एवं नवार्ण मंत्र के शाप का शमन और अनुग्रह की प्राप्ति। 29
इस मंत्र से क्या होगा?
दुर्गा सप्तशती एवं नवार्ण मंत्र के शाप का शमन और अनुग्रह की प्राप्ति
जाप विधि
७ बार पाठ या जप। नवार्ण मंत्र जप के पूर्व। 29
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ॐ
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beej mantraकें
navgrah mantraॐ इमं देवा असपत्नं सुवध्यं महते क्षत्राय महते ज्यैष्ठ्याय महते जानराज्यायेन्द्रस्येन्द्रियाय। इमममुष्य पुत्रममुष्यै पुत्रमस्यै विश एष वोऽमी राजा सोमोऽस्माकं ब्राह्मणानां राजा।।