मंगल नवग्रह मंत्र
ऐं ह्सौः श्रीं द्रां कं ग्रहाधिपतये भौमाय स्वाहा॥
घोर शत्रुओं का पूर्ण दमन, भयंकर युद्ध या उलझे हुए मुकदमों में एकतरफा विजय, और अचल संपत्ति के तांत्रिक अधिग्रहण हेतु इस आगम मंत्र की साधना की जाती है। 8
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
घोर शत्रुओं का पूर्ण दमन, भयंकर युद्ध या उलझे हुए मुकदमों में एकतरफा विजय, और अचल संपत्ति के तांत्रिक अधिग्रहण हेतु इस आगम मंत्र की साधना की जाती है। 8
इस मंत्र से क्या होगा?
घोर शत्रुओं का पूर्ण दमन, भयंकर युद्ध या उलझे हुए मुकदमों में एकतरफा विजय, और अचल संपत्ति के तांत्रिक अधिग्रहण हेतु इस आगम मंत्र की साधना की जाती है
जाप विधि
मंगलवार के दिन ताम्र या भोजपत्र पर निर्मित तिकोने मंगल यंत्र के समक्ष लाल चंदन की माला से नित्य एक माला जप। देवी भगवती या चामुंडा के पूजन के साथ यह अधिक फलदायी है। 8
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