मंगल नवग्रह मंत्र
ऐं ह्सौः श्रीं द्रां कं ग्रहाधिपतये भौमाय स्वाहा॥
घोर शत्रुओं का पूर्ण दमन, भयंकर युद्ध या उलझे हुए मुकदमों में एकतरफा विजय, और अचल संपत्ति के तांत्रिक अधिग्रहण हेतु इस आगम मंत्र की साधना की जाती है। 8
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
घोर शत्रुओं का पूर्ण दमन, भयंकर युद्ध या उलझे हुए मुकदमों में एकतरफा विजय, और अचल संपत्ति के तांत्रिक अधिग्रहण हेतु इस आगम मंत्र की साधना की जाती है। 8
इस मंत्र से क्या होगा?
घोर शत्रुओं का पूर्ण दमन, भयंकर युद्ध या उलझे हुए मुकदमों में एकतरफा विजय, और अचल संपत्ति के तांत्रिक अधिग्रहण हेतु इस आगम मंत्र की साधना की जाती है
जाप विधि
मंगलवार के दिन ताम्र या भोजपत्र पर निर्मित तिकोने मंगल यंत्र के समक्ष लाल चंदन की माला से नित्य एक माला जप। देवी भगवती या चामुंडा के पूजन के साथ यह अधिक फलदायी है। 8
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ॐ आदित्याय नमः
kavach mantraशम्भुर्मे मस्तकं पातु मुखं पातु महेश्वरः। दन्तपङ्क्तिं च नीलकण्ठोऽप्यधरोष्ठं हरः स्वयम्। कण्ठं पातु चन्द्रचूडः स्कन्धौ वृषवाहनः। वक्षःस्थलं नीलकण्ठः पातु पृष्ठं दिगम्बरः। स्वप्ने जागरणे चैव स्थाणुर्मे पातु सन्ततम्। 8
dhyan mantraॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
beej mantraग्रां
sabar mantraरक्षपाल आठवा दंड क्षेत्रपाल भैरव हाथ भर खप्पर तेल सिंदूर रक्षपाल येता अष्ट भैरव सदा रहो कृपाल दंड हमारा पिंड का प्राण वज्र हो काया कर रक्षा काली का पूत आवे दंड जावे दंड सो काल भागे 12 कोस काला दंड शीर कंटक का फोड़ हमको रख दुष्ट को पक ऐता भैरव दंड मंत्र संपूर्ण भया श्री नाथ जी गुरु जी को आदेश आदेश सत्य नमो आदेश गुरु जी को आदेश ओम गुरु 10
mool mantraॐ ह्रां ह्रीं हुं समस्त ग्रह दोष विनाशाय ॐ