ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
भगवान विष्णु (महामंत्र)

भगवान विष्णु (महामंत्र) जप मंत्र

ॐ श्रीं कृष्णाय श्रीं श्रीं श्रीं गोविन्दाय गोपालाय गोलोक सुन्दराय सत्याय नित्याय परमात्मने पराय वैखानसाय वैराजमूर्तये मेघात्मने श्रीं नरसिंहवपुषे नमः

हृदय से नकारात्मक भावनाओं का निष्कासन, पूर्व कर्मों का प्रायश्चित, ऐश्वर्य, ज्ञान और सर्वतोभद्र सुरक्षा। 2

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारजप मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

हृदय से नकारात्मक भावनाओं का निष्कासन, पूर्व कर्मों का प्रायश्चित, ऐश्वर्य, ज्ञान और सर्वतोभद्र सुरक्षा। 2

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

हृदय से नकारात्मक भावनाओं का निष्कासन, पूर्व कर्मों का प्रायश्चित, ऐश्वर्य, ज्ञान और सर्वतोभद्र सुरक्षा

जाप विधि

९१ दिनों का विशेष अनुष्ठान, तुलसी या कमल गट्टा माला। 2

विशेष टिप्पणियाँ

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शम्भुर्मे मस्तकं पातु मुखं पातु महेश्वरः। दन्तपङ्क्तिं च नीलकण्ठोऽप्यधरोष्ठं हरः स्वयम्। कण्ठं पातु चन्द्रचूडः स्कन्धौ वृषवाहनः। वक्षःस्थलं नीलकण्ठः पातु पृष्ठं दिगम्बरः। स्वप्ने जागरणे चैव स्थाणुर्मे पातु सन्ततम्। 8

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ॐ नमो महादेव को काला भैरव काली रात भैरव चले अमावसरा आगे भैरव पीछे भैरव बाएं भैरव बाएं भैरव ऊपर पर आकाश भैरव नीचे पाताल भैरव पांच कोष पूरब बांध पांच कोष पश्चिम बांध पांच कोष उत्तर पांच कोष दक्षिण बांध जल थल वन गिरी गुफा बांध सात लोक सात पाताल नौ खंड बांध घर बांध दरवाजा बांध डाकनी साकनी पिशाचनी बांध भूत प्रेत वैताल खबीस चुड़ैल बांध मरघट कोशान शमशान की राख हवेरी की विद्या घोर क्रिया बांध भैरव की जंजीर चले हर बुरी बला दुष्ट शक्ति को बांध मृत्यु का भय काल की छाया समय की रेखा मंत्र की शक्ति तंत्र को प्रहार हाथ का खप्पर शत्रु का अस्त्रघात बांध हर बुरी बला दुष्ट शत्रु से रक्षा कर लीला ऐसा मार्ग खोले ना खुले जो खोले भैरव करंड से शत्रु नरक को जाए भाई शिव शंकर की दुहाई मदाकारी की ओम भैरवाय नमः

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