भगवान विष्णु (महामंत्र) जप मंत्र
ॐ श्रीं कृष्णाय श्रीं श्रीं श्रीं गोविन्दाय गोपालाय गोलोक सुन्दराय सत्याय नित्याय परमात्मने पराय वैखानसाय वैराजमूर्तये मेघात्मने श्रीं नरसिंहवपुषे नमः
हृदय से नकारात्मक भावनाओं का निष्कासन, पूर्व कर्मों का प्रायश्चित, ऐश्वर्य, ज्ञान और सर्वतोभद्र सुरक्षा। 2
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
हृदय से नकारात्मक भावनाओं का निष्कासन, पूर्व कर्मों का प्रायश्चित, ऐश्वर्य, ज्ञान और सर्वतोभद्र सुरक्षा। 2
इस मंत्र से क्या होगा?
हृदय से नकारात्मक भावनाओं का निष्कासन, पूर्व कर्मों का प्रायश्चित, ऐश्वर्य, ज्ञान और सर्वतोभद्र सुरक्षा
जाप विधि
९१ दिनों का विशेष अनुष्ठान, तुलसी या कमल गट्टा माला। 2
विशेष टिप्पणियाँ
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ॐ येन कर्मण्यपसो मनीषिणो यज्ञे कृण्वन्ति विदथेषु धीराः । यदपूर्वं यक्षमन्तः प्रजानां तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु ।।
bhakti mantraश्री राम जय राम जय जय राम
dhyan mantraअतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्। सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि॥
mool mantraॐ राम राम ॐ राम राम परशु हस्ताय नमः
stotra mantraश्रीवत्सधामापररात्र ईशः प्रत्यूष ईशोऽसिधरो जनार्दनः। दामोदरोऽव्यादनुसन्ध्यं प्रभाते विश्वेश्वरो भगवान् कालमूर्तिः।। 7
beej mantraग्रां