बृहस्पति देव (गुरु) जप मंत्र
ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः
पितृदोष की शांति, उच्च शिक्षा व पांडित्य की प्राप्ति, और आध्यात्मिक साधना में उन्नति। 23
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
पितृदोष की शांति, उच्च शिक्षा व पांडित्य की प्राप्ति, और आध्यात्मिक साधना में उन्नति। 23
इस मंत्र से क्या होगा?
पितृदोष की शांति, उच्च शिक्षा व पांडित्य की प्राप्ति, और आध्यात्मिक साधना में उन्नति
जाप विधि
१९००० जप संख्या (४० दिन में), हल्दी की माला, गुरुवार के दिन पीत आसन पर। 24
विशेष टिप्पणियाँ
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सर्वदेवात्मको ह्येष तेजस्वी रश्मिभावन: । नम उग्राय वीराय सारंगाय नमो नम: । कृतघ्नघ्नाय देवाय ज्योतिषां पतये नम: ॥ एष सुप्तेषु जागर्ति भूतेषु परिनिष्ठित: । 33
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naam mantraशिव
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