काल भैरव (कवच) जप मंत्र
ॐ ह्रं ह्रीं ह्रूं कालभैरवाय फट्
शरीर के चारों ओर अभेद्य सुरक्षा कवच का निर्माण और नकारात्मक शक्तियों का आक्रामक शमन। 68
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
शरीर के चारों ओर अभेद्य सुरक्षा कवच का निर्माण और नकारात्मक शक्तियों का आक्रामक शमन। 68
इस मंत्र से क्या होगा?
शरीर के चारों ओर अभेद्य सुरक्षा कवच का निर्माण और नकारात्मक शक्तियों का आक्रामक शमन
जाप विधि
१०८ बार जप, रुद्राक्ष माला, एकांत स्थान पर। 68
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं वाग्देव्यै सरस्वत्यै नमः ॥
stotra mantraस वै न देवासुरमर्त्यतिर्यंग न स्त्री न षण्डो न पुमान न जन्तुः । नायं गुणः कर्म न सन्न चासन निषेधशेषो जयतादशेषः ॥ 4
shanti mantraॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः । सर्वे सन्तु निरामयाः । सर्वे भद्राणि पश्यन्तु । मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
ugra mantraॐ नमो भगवते उग्र भैरवाय सर्वविघ्ननाशाय ठः ठः स्वाहा
dhyan mantraॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
beej mantraहुं