काल भैरव (कवच) जप मंत्र
ॐ ह्रं ह्रीं ह्रूं कालभैरवाय फट्
शरीर के चारों ओर अभेद्य सुरक्षा कवच का निर्माण और नकारात्मक शक्तियों का आक्रामक शमन। 68
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
शरीर के चारों ओर अभेद्य सुरक्षा कवच का निर्माण और नकारात्मक शक्तियों का आक्रामक शमन। 68
इस मंत्र से क्या होगा?
शरीर के चारों ओर अभेद्य सुरक्षा कवच का निर्माण और नकारात्मक शक्तियों का आक्रामक शमन
जाप विधि
१०८ बार जप, रुद्राक्ष माला, एकांत स्थान पर। 68
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sabar mantraओम नमो आदेश गुरु जी को आदेश पहला गण गणपति 14 विद्या सारथी जति सती कैलाशपति बल भीम मारुती आले विघ्न निवारी साईं गोरखनाथ की दुआही गुरु की शक्ति मेरी भक्ति चले मंत्र ईश्वरी वाचा पिंड कच्चा गुरु गोरखनाथ का शब्द सच्चा 24
beej mantraप्रीं