भगवान कार्तिकेय / मुरुगन (षडाक्षरी मूल मंत्र) मूल मंत्र
ॐ शरवणभवाय नमः
जीवन के आंतरिक और बाहरी विघ्नों पर विजय, मंगल दोष व कुजा दोष का निवारण एवं असीम ऊर्जा व नेतृत्व क्षमता की प्राप्ति 44।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
जीवन के आंतरिक और बाहरी विघ्नों पर विजय, मंगल दोष व कुजा दोष का निवारण एवं असीम ऊर्जा व नेतृत्व क्षमता की प्राप्ति 44।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन के आंतरिक और बाहरी विघ्नों पर विजय, मंगल दोष व कुजा दोष का निवारण एवं असीम ऊर्जा व नेतृत्व क्षमता की प्राप्ति
जाप विधि
मंगलवार या षष्ठी तिथि को लाल वस्त्र धारण कर पूर्व की ओर मुख करके रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से १०८ बार जप करें 44।
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