ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
मातृका देवी / वर्णेश्वरी (विशुद्ध चक्र की पंखुड़ियाँ) बीज

मातृका देवी / वर्णेश्वरी (विशुद्ध चक्र की पंखुड़ियाँ) बीज बीज मंत्र

अं, आं, इं, ईं, उं, ऊं, ऋं, ॠं, लृं, ॡं, एं, ऐं, ओं, औं, अं, अः

यह मंत्रों का परम बीज समूह है। यह संचार कौशल की सर्वोच्च शुद्धि और वाक् सिद्धि (Power of speech) प्रदान करता है 3।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारबीज मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

यह मंत्रों का परम बीज समूह है। यह संचार कौशल की सर्वोच्च शुद्धि और वाक् सिद्धि (Power of speech) प्रदान करता है 3।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

यह मंत्रों का परम बीज समूह है

02

यह संचार कौशल की सर्वोच्च शुद्धि और वाक् सिद्धि (Power of speech) प्रदान करता है

जाप विधि

कंठ चक्र की सोलह पंखुड़ियों (सभी स्वरों) पर ध्यान करते हुए जप 2।

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