ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
देवी सरस्वती बीज

देवी सरस्वती बीज बीज मंत्र

ऐं

यह 'वाग्भव बीज' (Vagbhava Bija) है। यह उच्च शिक्षा, असीमित ज्ञान, कला और संगीत में निपुणता, बौद्धिक कार्यों और परीक्षाओं में शत-प्रतिशत सफलता, तथा वाणी (Speech) की विलक्षण शक्ति व बुद्धिमत्ता (Buddhi)

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारबीज मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

यह 'वाग्भव बीज' (Vagbhava Bija) है। यह उच्च शिक्षा, असीमित ज्ञान, कला और संगीत में निपुणता, बौद्धिक कार्यों और परीक्षाओं में शत-प्रतिशत सफलता, तथा वाणी (Speech) की विलक्षण शक्ति व बुद्धिमत्ता (Buddhi) को जागृत करता है 17।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

यह 'वाग्भव बीज' (Vagbhava Bija) है

02

यह उच्च शिक्षा, असीमित ज्ञान, कला और संगीत में निपुणता, बौद्धिक कार्यों और परीक्षाओं में शत-प्रतिशत सफलता, तथा वाणी (Speech) की विलक्षण शक्ति व बुद्धिमत्ता (Buddhi) को जागृत करता है

जाप विधि

प्रातः 4 बजे (ब्रह्म मुहूर्त) से, भोजन ग्रहण करने से पूर्व, उत्तर या पूर्व की ओर मुख करके 108 बार स्फटिक माला से जपें 13।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

ugra mantra

ॐ ऐं ह्रीं महाकालिकायै सर्व शत्रु नाशाय नाशाय

kavach mantra

पातु श्रवणे वासरेश्वर घ्राणं धर्म पातु पदन वेदवाहन जीवा मानद पातु कंठ में सुरवंदित स्कंद प्रभाकर पातु वक्ष पातु जन प्रिय पातु पाद द्वादशात्मा सर्व सर्वांग सकलेश्वर यक्ष गन्धर्व राक्षसाः ब्रह्मराक्षस वेतालाः क्षमा दूरा देव पलायंते तस्य संकीर्तना अज्ञात कवच दिव्य यो जपे सूर्य मंत्रम् सिद्धि जायते तस्य कल्पकोटि शतैरपि। इति श्री ब्रह्मयामले त्रैलोक्य मंगलम नाम सूर्य कवचम संपूर्णम। 15

stotra mantra

अच्युतं केशवं सत्यभामाधवं माधवं श्रीधरमं राधिकाराधितम्। इन्दिरामन्दिरं चेतसा सुन्दरं देवकीनन्दनं नन्दजं सन्दधे।। 9

mool mantra

ॐ श्रीं ह्रीं सं सं ह्रीं श्रीं संकर्षणाय ॐ

kaamya mantra

विधेहि देवि कल्याणं विधेहि परमां श्रियम्। रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥

vaidik mantra

ॐ त्वं नो अग्ने महोभिः पाहि विश्वस्या अरातेः । उत द्विषो मर्त्यस्य ॥