देवी सरस्वती बीज बीज मंत्र
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यह 'वाग्भव बीज' (Vagbhava Bija) है। यह उच्च शिक्षा, असीमित ज्ञान, कला और संगीत में निपुणता, बौद्धिक कार्यों और परीक्षाओं में शत-प्रतिशत सफलता, तथा वाणी (Speech) की विलक्षण शक्ति व बुद्धिमत्ता (Buddhi)
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यह मंत्र क्यों?
यह 'वाग्भव बीज' (Vagbhava Bija) है। यह उच्च शिक्षा, असीमित ज्ञान, कला और संगीत में निपुणता, बौद्धिक कार्यों और परीक्षाओं में शत-प्रतिशत सफलता, तथा वाणी (Speech) की विलक्षण शक्ति व बुद्धिमत्ता (Buddhi) को जागृत करता है 17।
इस मंत्र से क्या होगा?
यह 'वाग्भव बीज' (Vagbhava Bija) है
यह उच्च शिक्षा, असीमित ज्ञान, कला और संगीत में निपुणता, बौद्धिक कार्यों और परीक्षाओं में शत-प्रतिशत सफलता, तथा वाणी (Speech) की विलक्षण शक्ति व बुद्धिमत्ता (Buddhi) को जागृत करता है
जाप विधि
प्रातः 4 बजे (ब्रह्म मुहूर्त) से, भोजन ग्रहण करने से पूर्व, उत्तर या पूर्व की ओर मुख करके 108 बार स्फटिक माला से जपें 13।
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ॐ नमो विपरीत-प्रत्यंगिरायै सहस्त्रानेक-कार्य-लोचनायै कोटि-विद्युज्जिह्वायै महा-व्याव्यापिन्यै संहार-रुपायै जन्म-शान्ति-कारिण्यै। मम स-परिवारकस्य भावि-भूत-भवच्छत्रून् स-दाराऽपत्यान् संहारय संहारय, महा-प्रभावं दर्शय दर्शय, हिलि हिलि, किलि किलि, मिलि मिलि, चिलि चिलि, भूरि भूरि, विद्युज्जिह्वे, ज्वल ज्वल, प्रज्वल प्रज्वल, ध्वंसय ध्वंसय, प्रध्वंसय प्रध्वंसय, ग्रासय ग्रासय, पिब पिब, नाशय नाशय, त्रासय त्रासय, वित्रासय वित्रासय, मारय मारय, विमारय विमारय, भ्रामय भ्रामय, विभ्रामय विभ्रामय, द्रावय द्रावय, विद्रावय विद्रावय हूं हूं फट् स्वाहा।।
siddh mantraॐ ह्रौं जूं सः भूर्भुवः स्वः त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् । उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् भूर्भुवः स्वरौ जूं सः ह्रौं ॐ ॥
stotra mantraव्यासं वसिष्ठनप्तारं शक्तेः पौत्रमकल्मषम् । पराशरात्मजं वन्दे शुकतातं तपोनिधिम् ॥ 10
bhakti mantraॐ श्री गणपतये नमः
kaamya mantraदुर्गे देवि नमस्तुभ्यं सर्वकामार्थसाधिके। मम सिद्धिमसिद्धिं वा स्वप्ने सर्वं प्रदर्शय॥
mool mantraदिगंबरा दिगंबरा श्रीपाद वल्लभ दिगंबरा