ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
चंद्र

चंद्र नवग्रह मंत्र

ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्राय नमः॥ (अथवा ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः)

चंद्र की मारक महादशा में आने वाले घोर कष्टों, अनिद्रा, मानसिक तनाव (Depression) और अस्थिरता को दूर कर रचनात्मकता, कलात्मक ज्ञान और सौम्यता में वृद्धि हेतु यह तांत्रोक्त बीज मंत्र जपा जाता है। 4

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारनवग्रह मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

चंद्र की मारक महादशा में आने वाले घोर कष्टों, अनिद्रा, मानसिक तनाव (Depression) और अस्थिरता को दूर कर रचनात्मकता, कलात्मक ज्ञान और सौम्यता में वृद्धि हेतु यह तांत्रोक्त बीज मंत्र जपा जाता है। 4

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

चंद्र की मारक महादशा में आने वाले घोर कष्टों, अनिद्रा, मानसिक तनाव (Depression) और अस्थिरता को दूर कर रचनात्मकता, कलात्मक ज्ञान और सौम्यता में वृद्धि हेतु यह तांत्रोक्त बीज मंत्र जपा जाता है

जाप विधि

सोमवार की सायं या रात्रि से आरंभ कर चालीस दिन की अवधि में ग्यारह हजार बार जप पूर्ण करें। श्वेत वस्त्र धारण कर, श्वेत कुशा या ऊनी आसन पर बैठकर स्फटिक माला का उपयोग करना चाहिए। 9

विशेष टिप्पणियाँ

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