चंद्र नवग्रह मंत्र
ॐ विप्रराजाय विद्महे निशानाथाय धीमहि तन्नः सोमः प्रचोदयात्।
रात्रिकालीन भयों (Nightmares) का नाश, विचारों में शुद्धता और आध्यात्मिक ज्ञान के प्रति रुझान बढ़ाने हेतु। 16
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
रात्रिकालीन भयों (Nightmares) का नाश, विचारों में शुद्धता और आध्यात्मिक ज्ञान के प्रति रुझान बढ़ाने हेतु। 16
इस मंत्र से क्या होगा?
रात्रिकालीन भयों (Nightmares) का नाश, विचारों में शुद्धता और आध्यात्मिक ज्ञान के प्रति रुझान बढ़ाने हेतु
जाप विधि
सोमवार की रात्रि में चंद्रमा के दर्शन करते हुए इक्कीस या एक सौ आठ बार मानसिक जप। 16
विशेष टिप्पणियाँ
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शिवाय गौरीवदनाब्जवृन्दसूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय। श्रीनीलकण्ठाय वृषध्वजाय तस्मै शि काराय नमः शिवाय्॥ 19
mool mantraॐ ह्रीं ह्रीं साफल्यायै सिद्धये ॐ नमः
kavach mantraसकलायुध सम्पूर्ण निखिलाङ्ग सुदर्शन यदम कवच दिव्यम परमानंद दायिनं सौदर्शन यो सदा शुद्ध पठे नरह तस्या सिद्धि विपुला करस्था भवति ध्रुवं कोष्माण्ड चण्ड भूता ये दुष्टा ग्रहा स्मृता पलायन्ते निशंभीता वर्मनोस्य प्रभावतः कुष्ठा पस्मा गुलमा व्याध कर्म हेतुका नश्य तन मंत्रिता भूपाना सप्त दिनावधी अनेन मन्त्रिता मृतानां तुलसी मूल संस्थितां ललाटे तिलकं कृत्वा मोहये त्रिजगन्नरः। 17
beej mantraत्रीं
shanti mantraॐ आप्यायन्तु ममाङ्गानि वाक्प्राणश्चक्षुः श्रोत्रमथो बलमिन्द्रियाणि च सर्वाणि । सर्वं ब्रह्मोपनिषदं माहं ब्रह्म निराकुर्यां मा मा ब्रह्म निराकरोदनिराकरणमस्त्वनिराकरणं मे अस्तु । तदात्मनि निरते य उपनिषत्सु धर्मास्ते मयि सन्तु ते मयि सन्तु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
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