चंद्र नवग्रह मंत्र
ॐ विप्रराजाय विद्महे निशानाथाय धीमहि तन्नः सोमः प्रचोदयात्।
रात्रिकालीन भयों (Nightmares) का नाश, विचारों में शुद्धता और आध्यात्मिक ज्ञान के प्रति रुझान बढ़ाने हेतु। 16
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
रात्रिकालीन भयों (Nightmares) का नाश, विचारों में शुद्धता और आध्यात्मिक ज्ञान के प्रति रुझान बढ़ाने हेतु। 16
इस मंत्र से क्या होगा?
रात्रिकालीन भयों (Nightmares) का नाश, विचारों में शुद्धता और आध्यात्मिक ज्ञान के प्रति रुझान बढ़ाने हेतु
जाप विधि
सोमवार की रात्रि में चंद्रमा के दर्शन करते हुए इक्कीस या एक सौ आठ बार मानसिक जप। 16
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
शूलेन पाहि नो देवि पाहि खड्गेन चाम्बिके। घण्टास्वनेन नः पाहि चापज्यानिःस्वनेन च॥ 24
beej mantraक्रौं
dhyan mantraॐ जटाजूटसमायुक्तमर्धेन्दुकृतलक्षणम्। लोचनत्रयसंयुक्तं पातु मां सर्वतोमुखीम्॥
mool mantraॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
vaidik mantraॐ परोऽपेहि मनस्पाप किमशस्तानि शंससि । परेहि न त्वा कामये वृक्षान् वनानि सं चर गृहेषु गोषु मे मनः ॥
shanti mantraॐ आप्यायन्तु ममाङ्गानि वाक्प्राणश्चक्षुः श्रोत्रमथो बलमिन्द्रियाणि च सर्वाणि । सर्वं ब्रह्मोपनिषदं माहं ब्रह्म निराकुर्यां मा मा ब्रह्म निराकरोदनिराकरणमस्त्वनिराकरणं मे अस्तु । तदात्मनि निरते य उपनिषत्सु धर्मास्ते मयि सन्तु ते मयि सन्तु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥