चंद्र नवग्रह मंत्र
ॐ विप्रराजाय विद्महे निशानाथाय धीमहि तन्नः सोमः प्रचोदयात्।
रात्रिकालीन भयों (Nightmares) का नाश, विचारों में शुद्धता और आध्यात्मिक ज्ञान के प्रति रुझान बढ़ाने हेतु। 16
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
रात्रिकालीन भयों (Nightmares) का नाश, विचारों में शुद्धता और आध्यात्मिक ज्ञान के प्रति रुझान बढ़ाने हेतु। 16
इस मंत्र से क्या होगा?
रात्रिकालीन भयों (Nightmares) का नाश, विचारों में शुद्धता और आध्यात्मिक ज्ञान के प्रति रुझान बढ़ाने हेतु
जाप विधि
सोमवार की रात्रि में चंद्रमा के दर्शन करते हुए इक्कीस या एक सौ आठ बार मानसिक जप। 16
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sabar mantraधन जैसे चुंबक खींचे लोह गोरख की आज्ञा टले नहीं मिटे साधक का मोह कीड़ा जागे पिंगला जागे सुष्मना का खुले द्वार जब तीनों नाड़ी जागे धन आवे बारंबार जैसे गंगा बहे अविरल जैसे सूरज देत उजास वैसे मेरे घर में लक्ष्मी करे सदा ही वास रुका धन चले बंद धन खुले आवे चहुं ओर से धन गोरख का शब्द सांचा रे सांचा रे गुरु का मन काल का भी काल है गोरख तीनों लोक बसेरा जो गोरख का नाम ले साधक उसका होए उजेरा उठ उठ लक्ष्मी आव बैठ मेरे द्वार गोरख की आज्ञा लेकर आव कर मेरा उद्धार शब्द सांचा पिंड कांचा सांची गुरु की बानी हुकुम गोरखनाथ का चले यही नाथ की निशानी 5
naam mantraजामदग्न्य
shanti mantraॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥