ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
मंगल

मंगल नवग्रह मंत्र

ॐ अङ्गारकाय विद्महे शक्तिहस्ताय धीमहि तन्नो भौमः प्रचोदयात्।

शारीरिक क्षमता और असीमित ऊर्जा की प्राप्ति, आलस्य का नाश और जीवन के हर क्षेत्र में आने वाले विघ्नों के निवारण हेतु। 16

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारनवग्रह मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

शारीरिक क्षमता और असीमित ऊर्जा की प्राप्ति, आलस्य का नाश और जीवन के हर क्षेत्र में आने वाले विघ्नों के निवारण हेतु। 16

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

शारीरिक क्षमता और असीमित ऊर्जा की प्राप्ति, आलस्य का नाश और जीवन के हर क्षेत्र में आने वाले विघ्नों के निवारण हेतु

जाप विधि

मंगलवार प्रातः काल लाल आसन पर बैठकर इक्कीस या एक सौ आठ बार पाठ। 16

विशेष टिप्पणियाँ

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