मंगल नवग्रह मंत्र
ॐ अङ्गारकाय विद्महे शक्तिहस्ताय धीमहि तन्नो भौमः प्रचोदयात्।
शारीरिक क्षमता और असीमित ऊर्जा की प्राप्ति, आलस्य का नाश और जीवन के हर क्षेत्र में आने वाले विघ्नों के निवारण हेतु। 16
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
शारीरिक क्षमता और असीमित ऊर्जा की प्राप्ति, आलस्य का नाश और जीवन के हर क्षेत्र में आने वाले विघ्नों के निवारण हेतु। 16
इस मंत्र से क्या होगा?
शारीरिक क्षमता और असीमित ऊर्जा की प्राप्ति, आलस्य का नाश और जीवन के हर क्षेत्र में आने वाले विघ्नों के निवारण हेतु
जाप विधि
मंगलवार प्रातः काल लाल आसन पर बैठकर इक्कीस या एक सौ आठ बार पाठ। 16
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