बुध नवग्रह मंत्र
ॐ आत्रेयाय विद्महे सोमपुत्राय धीमहि तन्नो बुधः प्रचोदयात्।
उच्च विद्या प्राप्ति, तार्किक विश्लेषण क्षमता का विकास और मानसिक उलझनों व बौद्धिक अशांति के पूर्ण निवारण हेतु। 16
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
उच्च विद्या प्राप्ति, तार्किक विश्लेषण क्षमता का विकास और मानसिक उलझनों व बौद्धिक अशांति के पूर्ण निवारण हेतु। 16
इस मंत्र से क्या होगा?
उच्च विद्या प्राप्ति, तार्किक विश्लेषण क्षमता का विकास और मानसिक उलझनों व बौद्धिक अशांति के पूर्ण निवारण हेतु
जाप विधि
नित्य प्रातः काल उत्तर मुख होकर इक्कीस या एक सौ आठ बार पाठ। 16
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्र वैरोचनीये हूं हूं फट् स्वाहा ॥
naam mantraनारायणी
mool mantraॐ निर्ऋतये नमः
bhakti mantraॐ श्री कालिकायै नमः
kaamya mantraहारेण तु विचित्रेण भास्वत्कनकमेखला। अपराजिता भद्ररता करोतु विजयं मम॥
gyan mantraॐ वागीश्वर्यै विद्महे वाग्वादिन्यै धीमहि तन्नः सरस्वती प्रचोदयात् ॥