बुध नवग्रह मंत्र
ॐ गजध्वजाय विद्महे शुकहस्ताय धीमहि तन्नो बुधः प्रचोदयात्।
व्यापारिक वृद्धि, वाक् चातुर्य से विरोधियों को शांत करने और हास्य-विनोद व कलात्मक अभिव्यक्ति में निपुणता हेतु। 16
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
व्यापारिक वृद्धि, वाक् चातुर्य से विरोधियों को शांत करने और हास्य-विनोद व कलात्मक अभिव्यक्ति में निपुणता हेतु। 16
इस मंत्र से क्या होगा?
व्यापारिक वृद्धि, वाक् चातुर्य से विरोधियों को शांत करने और हास्य-विनोद व कलात्मक अभिव्यक्ति में निपुणता हेतु
जाप विधि
नित्य स्फटिक या रुद्राक्ष माला से एक सौ आठ बार जप। 16
विशेष टिप्पणियाँ
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