ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
बुध

बुध नवग्रह मंत्र

ॐ गजध्वजाय विद्महे शुकहस्ताय धीमहि तन्नो बुधः प्रचोदयात्।

व्यापारिक वृद्धि, वाक् चातुर्य से विरोधियों को शांत करने और हास्य-विनोद व कलात्मक अभिव्यक्ति में निपुणता हेतु। 16

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारनवग्रह मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

व्यापारिक वृद्धि, वाक् चातुर्य से विरोधियों को शांत करने और हास्य-विनोद व कलात्मक अभिव्यक्ति में निपुणता हेतु। 16

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

व्यापारिक वृद्धि, वाक् चातुर्य से विरोधियों को शांत करने और हास्य-विनोद व कलात्मक अभिव्यक्ति में निपुणता हेतु

जाप विधि

नित्य स्फटिक या रुद्राक्ष माला से एक सौ आठ बार जप। 16

विशेष टिप्पणियाँ

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