बुध नवग्रह मंत्र
ॐ बुं बुधाय नम:॥
त्वरित बुध शांति, स्नायविक दुर्बलता का शमन और दैनिक बुद्धि कार्यों व लेखन में तीक्ष्णता हेतु। 15
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
त्वरित बुध शांति, स्नायविक दुर्बलता का शमन और दैनिक बुद्धि कार्यों व लेखन में तीक्ष्णता हेतु। 15
इस मंत्र से क्या होगा?
त्वरित बुध शांति, स्नायविक दुर्बलता का शमन और दैनिक बुद्धि कार्यों व लेखन में तीक्ष्णता हेतु
जाप विधि
बुधवार को तेईस माला ग्यारह दिन तक या नित्य नौ हजार की संख्या पूर्ण होने तक। 15
विशेष टिप्पणियाँ
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ॐ शं नो मित्रः शं वरुणः । शं नो भवत्वर्यमा । शं न इन्द्रो बृहस्पतिः । शं नो विष्णुरुरुक्रमः । नमो ब्रह्मणे । नमस्ते वायो । त्वमेव प्रत्यक्षं ब्रह्मासि । त्वामेव प्रत्यक्षं ब्रह्म वदिष्यामि । ऋतं वदिष्यामि । सत्यं वदिष्यामि । तन्मामवतु । तद्वक्तारमवतु । अवतु माम् । अवतु वक्तारम् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
vaidik mantraॐ त्वं नो अग्ने महोभिः पाहि विश्वस्या अरातेः । उत द्विषो मर्त्यस्य ॥
jap mantraॐ हसां हसीं हसूं हसैं हसौं हसः
gyan mantraॐ ऐं सरस्वत्यै नमः ॐ ॥
stotra mantraयः स्वात्मनीदं निजमाययार्पितं क्वचिद्विभातं क्व च तत्तिरोहितम । अविद्धदृक साक्ष्युभयं तदीक्षते स आत्म मूलोsवत् मां परात्परः ॥ 4
mool mantraॐ श्रीं ह्रीं सं सं ह्रीं श्रीं संकर्षणाय ॐ