सर्वदेव (ब्रह्म-तेज प्रदायिनी मेधा) ज्ञान मंत्र
इदं मे ब्रह्म च क्षत्रं चोभे श्रियमश्नुताम् । मयि देवा दधतु श्रियमुत्तमां तस्यै ते स्वाहा ॥
ब्रह्मज्ञान, श्रेष्ठ बौद्धिक ऐश्वर्य और शास्त्रों के गंभीर ज्ञान की प्राप्ति 2।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
ब्रह्मज्ञान, श्रेष्ठ बौद्धिक ऐश्वर्य और शास्त्रों के गंभीर ज्ञान की प्राप्ति 2।
इस मंत्र से क्या होगा?
ब्रह्मज्ञान, श्रेष्ठ बौद्धिक ऐश्वर्य और शास्त्रों के गंभीर ज्ञान की प्राप्ति
जाप विधि
विद्या, ज्ञान और तेज की प्राप्ति हेतु नित्य एकाग्र होकर पाठ 2।
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