चंद्र नवग्रह मंत्र
ॐ शीतप्रभाय विद्महे षोडशकलाय धीमहि तन्नः सोमः प्रचोदयात्।
जीवन के सभी षोडश (सोलह) प्रकार के सुखों की प्राप्ति, उग्रता का शमन और दांपत्य जीवन में मधुरता लाने हेतु। 16
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
जीवन के सभी षोडश (सोलह) प्रकार के सुखों की प्राप्ति, उग्रता का शमन और दांपत्य जीवन में मधुरता लाने हेतु। 16
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन के सभी षोडश (सोलह) प्रकार के सुखों की प्राप्ति, उग्रता का शमन और दांपत्य जीवन में मधुरता लाने हेतु
जाप विधि
पूर्णिमा की रात्रि में चंद्रमा के समक्ष श्वेत वस्त्र धारण कर एक सौ आठ बार जप। 16
विशेष टिप्पणियाँ
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