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उद्देश्य अनुसार मंत्र
भगवान कृष्ण (एवं कामदेव) बीज

भगवान कृष्ण (एवं कामदेव) बीज बीज मंत्र

क्लीं

यह 'काम बीज' है। इसमें 'क' कामदेव/कृष्ण, 'ल' इंद्र देव और 'ई' परमसंतुष्टि का प्रतीक है। इसका उपयोग ईश्वरीय प्रेम (कृष्ण-प्रेम) का विकास, लौकिक व अलौकिक आकर्षण (Vashikaran), आध्यात्मिक चुंबकत्व (Spirit

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारबीज मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

यह 'काम बीज' है। इसमें 'क' कामदेव/कृष्ण, 'ल' इंद्र देव और 'ई' परमसंतुष्टि का प्रतीक है। इसका उपयोग ईश्वरीय प्रेम (कृष्ण-प्रेम) का विकास, लौकिक व अलौकिक आकर्षण (Vashikaran), आध्यात्मिक चुंबकत्व (Spiritual Magnetism), और सभी इच्छाओं की पूर्ण संतुष्टि के लिए होता है 13।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

यह 'काम बीज' है

02

इसमें 'क' कामदेव/कृष्ण, 'ल' इंद्र देव और 'ई' परमसंतुष्टि का प्रतीक है

03

इसका उपयोग ईश्वरीय प्रेम (कृष्ण-प्रेम) का विकास, लौकिक व अलौकिक आकर्षण (Vashikaran), आध्यात्मिक चुंबकत्व (Spiritual Magnetism), और सभी इच्छाओं की पूर्ण संतुष्टि के लिए होता है

जाप विधि

सुबह 4 बजे (ब्रह्म मुहूर्त) से शांत चित्त के साथ 108 बार निरंतर जप करें। ध्यान करते समय हृदय चक्र पर ध्यान केंद्रित करें 13।

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