ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
भगवान नृसिंह (नरसिंह) बीज

भगवान नृसिंह (नरसिंह) बीज बीज मंत्र

क्ष्रौं

इस उग्र बीज मंत्र में 'क्ष' नरसिंह, 'र' ब्रह्मा और 'औ' ऊर्ध्वमुखी दांतों का प्रतीक है। यह सभी प्रकार के लौकिक और अलौकिक भयों, दुखों और कष्टों का तत्काल नाश करता है, शत्रुओं पर त्वरित विजय दिलाता है और

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारबीज मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

इस उग्र बीज मंत्र में 'क्ष' नरसिंह, 'र' ब्रह्मा और 'औ' ऊर्ध्वमुखी दांतों का प्रतीक है। यह सभी प्रकार के लौकिक और अलौकिक भयों, दुखों और कष्टों का तत्काल नाश करता है, शत्रुओं पर त्वरित विजय दिलाता है और अजेय सुरक्षा कवच (Narasimha Kavacha) निर्मित करता है 3।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

इस उग्र बीज मंत्र में 'क्ष' नरसिंह, 'र' ब्रह्मा और 'औ' ऊर्ध्वमुखी दांतों का प्रतीक है

02

यह सभी प्रकार के लौकिक और अलौकिक भयों, दुखों और कष्टों का तत्काल नाश करता है, शत्रुओं पर त्वरित विजय दिलाता है और अजेय सुरक्षा कवच (Narasimha Kavacha) निर्मित करता है

जाप विधि

प्रातः काल स्नान के पश्चात, लाल या पीले आसन पर बैठकर पूर्ण ब्रह्मचर्य और शुद्धता के साथ 108 बार जप करें 3।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

siddh mantra

ॐ ऐं वाग्देव्यै विद्महे कामराजाय धीमहि । तन्नो देवी प्रचोदयात्॥

kavach mantra

पातु श्रवणे वासरेश्वर घ्राणं धर्म पातु पदन वेदवाहन जीवा मानद पातु कंठ में सुरवंदित स्कंद प्रभाकर पातु वक्ष पातु जन प्रिय पातु पाद द्वादशात्मा सर्व सर्वांग सकलेश्वर यक्ष गन्धर्व राक्षसाः ब्रह्मराक्षस वेतालाः क्षमा दूरा देव पलायंते तस्य संकीर्तना अज्ञात कवच दिव्य यो जपे सूर्य मंत्रम् सिद्धि जायते तस्य कल्पकोटि शतैरपि। इति श्री ब्रह्मयामले त्रैलोक्य मंगलम नाम सूर्य कवचम संपूर्णम। 15

naam mantra

पद्मा

kaamya mantra

सर्वभूता यदा देवी स्वर्गमुक्तिप्रदायिनी। त्वं स्तुता स्तुतये का वा भवन्तु परमोक्तयः॥

bhakti mantra

ॐ श्री कालिकायै नमः

tantrik mantra

ॐ स्वर्णाकर्षण भैरवं देवं सर्व शक्ति समन्वितम् सर्व अभीष्ट फलं देहि श्री क्षेत्रपाल नमोस्तुते