भगवान नृसिंह (नरसिंह) बीज बीज मंत्र
क्ष्रौं
इस उग्र बीज मंत्र में 'क्ष' नरसिंह, 'र' ब्रह्मा और 'औ' ऊर्ध्वमुखी दांतों का प्रतीक है। यह सभी प्रकार के लौकिक और अलौकिक भयों, दुखों और कष्टों का तत्काल नाश करता है, शत्रुओं पर त्वरित विजय दिलाता है और
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यह मंत्र क्यों?
इस उग्र बीज मंत्र में 'क्ष' नरसिंह, 'र' ब्रह्मा और 'औ' ऊर्ध्वमुखी दांतों का प्रतीक है। यह सभी प्रकार के लौकिक और अलौकिक भयों, दुखों और कष्टों का तत्काल नाश करता है, शत्रुओं पर त्वरित विजय दिलाता है और अजेय सुरक्षा कवच (Narasimha Kavacha) निर्मित करता है 3।
इस मंत्र से क्या होगा?
इस उग्र बीज मंत्र में 'क्ष' नरसिंह, 'र' ब्रह्मा और 'औ' ऊर्ध्वमुखी दांतों का प्रतीक है
यह सभी प्रकार के लौकिक और अलौकिक भयों, दुखों और कष्टों का तत्काल नाश करता है, शत्रुओं पर त्वरित विजय दिलाता है और अजेय सुरक्षा कवच (Narasimha Kavacha) निर्मित करता है
जाप विधि
प्रातः काल स्नान के पश्चात, लाल या पीले आसन पर बैठकर पूर्ण ब्रह्मचर्य और शुद्धता के साथ 108 बार जप करें 3।
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उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्
stotra mantraछायायां पारिजातस्य हेमसिंहासनोपरि आसीनमम्बुदश्याममायताक्षमलंकृतम्। चन्द्राननं चतुर्बाहुं श्रीवत्साङ्कित वक्षसं रुक्मिणी सत्यभामाभ्यां सहितं कृष्णमाश्रये ॥ 12
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