माता महालक्ष्मी (लक्ष्मी) बीज बीज मंत्र
ल्क्ष्मीं
भौतिक प्रचुरता, ऐश्वर्य, भौतिक सुख और विलासिता (Luxury) की अत्यंत तीव्र प्राप्ति 16।
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यह मंत्र क्यों?
भौतिक प्रचुरता, ऐश्वर्य, भौतिक सुख और विलासिता (Luxury) की अत्यंत तीव्र प्राप्ति 16।
इस मंत्र से क्या होगा?
भौतिक प्रचुरता, ऐश्वर्य, भौतिक सुख और विलासिता (Luxury) की अत्यंत तीव्र प्राप्ति
जाप विधि
नित्य 108 बार जप करें 16।
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पातु श्रवणे वासरेश्वर घ्राणं धर्म पातु पदन वेदवाहन जीवा मानद पातु कंठ में सुरवंदित स्कंद प्रभाकर पातु वक्ष पातु जन प्रिय पातु पाद द्वादशात्मा सर्व सर्वांग सकलेश्वर यक्ष गन्धर्व राक्षसाः ब्रह्मराक्षस वेतालाः क्षमा दूरा देव पलायंते तस्य संकीर्तना अज्ञात कवच दिव्य यो जपे सूर्य मंत्रम् सिद्धि जायते तस्य कल्पकोटि शतैरपि। इति श्री ब्रह्मयामले त्रैलोक्य मंगलम नाम सूर्य कवचम संपूर्णम। 15
jap mantraॐ सिद्धि वराय नमः
dhyan mantraध्यायेदाजानुबाहुं धृतशरधनुषं बद्धपद्मासनस्थं पीतं वासो वसानं नवकमलदलस्पर्धिनेत्रं प्रसन्नम्। वामाङ्कारूढ सीतामुखकमलमिलल्लोचनं नीरदाभं नानालङ्कारदीप्तं दधतमुरुजटामण्डनं रामचन्द्रम्॥
ugra mantraक्लीं क्लीं हूं
shanti mantraॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवाः । भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः । स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवागँसस्तनूभिः । व्यशेम देवहितं यदायूः । स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः । स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः । स्वस्ति नस्ताक्षर्यो अरिष्टनेमिः । स्वस्ति नो वृहस्पतिर्दधातु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
stotra mantraदारिद्र्य-दुःखौघ-तमोऽपहन्त्रि त्वत्-पादपद्मं मयि सन्निधत्स्व । दीनार्ति-विच्छेदन-हेतुभूतैः कृपाकटाक्षैरभिषिञ्च मां श्रीः ॥ 27