भगवान हयग्रीव काम्य मंत्र
ज्ञानानन्दमयं देवं निर्मलस्फटिकाकृतिम्। आधारं सर्वविद्यानां हयग्रीवमुपास्महे॥
असाधारण ज्ञान, मेधा, बुद्धि में वृद्धि और सभी प्रकार की कठिन विद्याओं में पारंगत होना 20।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
असाधारण ज्ञान, मेधा, बुद्धि में वृद्धि और सभी प्रकार की कठिन विद्याओं में पारंगत होना 20।
इस मंत्र से क्या होगा?
असाधारण ज्ञान, मेधा, बुद्धि में वृद्धि और सभी प्रकार की कठिन विद्याओं में पारंगत होना
जाप विधि
विद्यार्थियों द्वारा नित्य प्रातःकाल विद्याध्ययन से पूर्व एकाग्रचित्त होकर जप किया जाए 20।
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tantrik mantraॐ सहस्रार हुं फट्
gyan mantraमेधां मे वरुणो ददातु मेधामग्निः प्रजापतिः । मेधामिन्द्रश्च वायुश्च मेधां धाता ददातु मे स्वाहा ॥