ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
भगवान हयग्रीव

भगवान हयग्रीव काम्य मंत्र

ज्ञानानन्दमयं देवं निर्मलस्फटिकाकृतिम्। आधारं सर्वविद्यानां हयग्रीवमुपास्महे॥

असाधारण ज्ञान, मेधा, बुद्धि में वृद्धि और सभी प्रकार की कठिन विद्याओं में पारंगत होना 20।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारकाम्य मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

असाधारण ज्ञान, मेधा, बुद्धि में वृद्धि और सभी प्रकार की कठिन विद्याओं में पारंगत होना 20।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

असाधारण ज्ञान, मेधा, बुद्धि में वृद्धि और सभी प्रकार की कठिन विद्याओं में पारंगत होना

जाप विधि

विद्यार्थियों द्वारा नित्य प्रातःकाल विद्याध्ययन से पूर्व एकाग्रचित्त होकर जप किया जाए 20।

विशेष टिप्पणियाँ

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