माता पार्वती (स्वयंवर पार्वती) काम्य मंत्र
ॐ ह्रीं योगिनि योगिनि योगेश्वरि योग भयङ्करि सकल स्थावर जङ्गमस्य मुख हृदयं मम वशं आकर्षय आकर्षय नमः।
विवाह में आ रही बाधाओं का अंत, मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति और वैवाहिक जीवन में अटूट प्रेम 11।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
विवाह में आ रही बाधाओं का अंत, मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति और वैवाहिक जीवन में अटूट प्रेम 11।
इस मंत्र से क्या होगा?
विवाह में आ रही बाधाओं का अंत, मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति और वैवाहिक जीवन में अटूट प्रेम
जाप विधि
हरतालिका तीज या किसी शुभ दिन प्रातःकाल से आरम्भ कर, नित्य १०८ दिनों तक रुद्राक्ष की माला से १०८ बार (एक माला) जप करें 11।
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ॐ बं बटुकाय नमः
navgrah mantraहिमकुंद मृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम्। सर्वशास्त्र प्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम्॥
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naam mantraशशांक
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