ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
महालक्ष्मी (धनदा)

महालक्ष्मी (धनदा) काम्य मंत्र

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै स्वाहा।

स्थिर धन-संपदा और ऐश्वर्य की निर्बाध प्राप्ति 3।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारकाम्य मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

स्थिर धन-संपदा और ऐश्वर्य की निर्बाध प्राप्ति 3।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

स्थिर धन-संपदा और ऐश्वर्य की निर्बाध प्राप्ति

जाप विधि

बेल की लकड़ी के आठ अंगुल चौड़े व दस अंगुल लम्बे टुकड़े पर रक्त चन्दन और केशर से इस मंत्र को लिखकर किसी भी शुक्रवार को प्रातः सूर्योदय के समय पूजा स्थान में स्थापित कर नित्य जप करें 3।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

siddh mantra

ॐ बन्धय बन्धय मारय मारय नाशय नाशय हुं फट् स्वाहा

ugra mantra

ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा

vaidik mantra

ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्षं शान्ति: पृथिवी शान्तिराप: शान्तिरोषधय: शान्ति: । वनस्पतय: शान्तिर्विश्वे देवा: शान्तिर्ब्रह्म शान्ति: सर्वं शान्ति: शान्तिरेव शान्ति: सा मा शान्तिरेधि ॥ ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति: ॥

stotra mantra

भर्जनं भवबीजानामर्जनं सुखसंपदाम् । तर्जनं यमदूतानां रामरामेति गर्जनम् ॥ 16

navgrah mantra

जपाकुसुम संकाशं काश्यपेयं महाद्युतिम्। तमोऽरिं सर्वपापघ्नं प्रणतोऽस्मि दिवाकरम्॥

tantrik mantra

ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं