महालक्ष्मी (धनदा) काम्य मंत्र
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै स्वाहा।
स्थिर धन-संपदा और ऐश्वर्य की निर्बाध प्राप्ति 3।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
स्थिर धन-संपदा और ऐश्वर्य की निर्बाध प्राप्ति 3।
इस मंत्र से क्या होगा?
स्थिर धन-संपदा और ऐश्वर्य की निर्बाध प्राप्ति
जाप विधि
बेल की लकड़ी के आठ अंगुल चौड़े व दस अंगुल लम्बे टुकड़े पर रक्त चन्दन और केशर से इस मंत्र को लिखकर किसी भी शुक्रवार को प्रातः सूर्योदय के समय पूजा स्थान में स्थापित कर नित्य जप करें 3।
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ल्क्ष्मीं
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jap mantraसोऽहम्
mool mantraॐ श्रीं ह्रीं श्रीं क्लीं श्रीं राम् श्रीं ॐ राधायै स्वाहा ॐ
ugra mantraउच्छिष्ट चांडालिनी सुमुखी देवी महापिशाचिनी ह्रीं ठः ठः ठः
navgrah mantraॐ गजध्वजाय विद्महे शुकहस्ताय धीमहि तन्नो बुधः प्रचोदयात्।