महालक्ष्मी (धनदा) काम्य मंत्र
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै स्वाहा।
स्थिर धन-संपदा और ऐश्वर्य की निर्बाध प्राप्ति 3।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
स्थिर धन-संपदा और ऐश्वर्य की निर्बाध प्राप्ति 3।
इस मंत्र से क्या होगा?
स्थिर धन-संपदा और ऐश्वर्य की निर्बाध प्राप्ति
जाप विधि
बेल की लकड़ी के आठ अंगुल चौड़े व दस अंगुल लम्बे टुकड़े पर रक्त चन्दन और केशर से इस मंत्र को लिखकर किसी भी शुक्रवार को प्रातः सूर्योदय के समय पूजा स्थान में स्थापित कर नित्य जप करें 3।
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काल भैरव का जो नाम ले नर नारी उसके लिए मूठ कभी ना पड़े भारी जय जय काल भैरव देव मूठ चली हवा बनकर काल भैरव चले ढाल बनकर अष्ट हाथ भैरव जी के फैले काट दी जड़ मूठ की चढ़ा दी आकाश नीचे काटी ऊपर काटी काट दी पाताल में 11
vaidik mantraॐ स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः । स्वस्ति नस्तार्क्ष्यो अरिष्टनेमिः स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातु ॥
naam mantraजामदग्न्य
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jap mantraॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
shanti mantraॐ असतो मा सद्गमय । तमसो मा ज्योतिर्गमय । मृत्योर्माऽमृतं गमय ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥