श्रीकृष्ण (संतान गोपाल - ५४ अक्षरी) काम्य मंत्र
ॐ क्लीं श्रीं ह्रीं जूं ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ देवकी सुत गोविंद वासुदेव जगत्पते देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः ॐ स्वः भुवः भूः ॐ जूं ह्रीं श्रीं क्लीं ॐ।
उत्तम एवं बुद्धिमान संतान की प्राप्ति और सभी प्रकार की ज्योतिषीय या शारीरिक बाधाओं का शमन 17।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
उत्तम एवं बुद्धिमान संतान की प्राप्ति और सभी प्रकार की ज्योतिषीय या शारीरिक बाधाओं का शमन 17।
इस मंत्र से क्या होगा?
उत्तम एवं बुद्धिमान संतान की प्राप्ति और सभी प्रकार की ज्योतिषीय या शारीरिक बाधाओं का शमन
जाप विधि
पूर्ण श्रद्धा और नियमों का पालन करते हुए ४ लाख बार मंत्र का अनुष्ठान/जप करें 17।
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ॐ सों सोमाय नमः
tantrik mantraॐ अं अणिमायै नमः स्वाहा
vaidik mantraॐ येनेदं भूतं भुवनं भविष्यत् परिगृहीतममृतेन सर्वम् । येन यज्ञस्तायते सप्तहोता तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु ।।
jap mantraश्री राम दूताय नम:
dhyan mantraवसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्। देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥
shanti mantraॐ स्वस्ति प्रजाभ्यः परिपालयन्तां न्यायेन मार्गेण महीं महीशाः । गोब्राह्मणेभ्यः शुभमस्तु नित्यं लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥