ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
देवी चण्डिका

देवी चण्डिका काम्य मंत्र

देवि प्रसीद परिपालय नोऽरिभीतेर्नित्यं यथासुरवधादधुनैव सद्यः। पापानि सर्वजगतां प्रशमं नयाशु उत्पातपाकजनितांश्च महोपसर्गान्॥

विश्व के सभी पापों, भयंकर तापों (कष्टों) का निवारण और भयंकर उत्पातों से बचाव 28।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारकाम्य मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

विश्व के सभी पापों, भयंकर तापों (कष्टों) का निवारण और भयंकर उत्पातों से बचाव 28।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

विश्व के सभी पापों, भयंकर तापों (कष्टों) का निवारण और भयंकर उत्पातों से बचाव

जाप विधि

देवी की प्रतिमा के समक्ष नित्य १ माला जप 28।

विशेष टिप्पणियाँ

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