माता सरस्वती जप मंत्र
ॐ ह्रीं सरस्वत्यै नमः
मानसिक एकाग्रता और प्रज्ञा का जागरण। 46
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
मानसिक एकाग्रता और प्रज्ञा का जागरण। 46
इस मंत्र से क्या होगा?
मानसिक एकाग्रता और प्रज्ञा का जागरण
जाप विधि
१०८ बार, स्फटिक माला। 46
विशेष टिप्पणियाँ
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देवासुर मनुष्याश्च सिद्ध विद्या धरोरगाः त्वया विलोकिताः सर्वे नाश यान्ति समूलतः। प्रसाद कुरु मे सौरे वरदो भव भास्करे एवं स्तुतस्तदा ग्रह राजो महाबलः। 47
ugra mantraॐ भम भैरवाय नमस्तुभ्यम कपाले कृपणाय चंड मुंड विनाशाय वीरभद्र स्वरूपण सर्वत्र प्रभ देव रक्षक सुरा त्रोक्य विजय संभो नमस्ते काल रूपण ओम छम काल भैरवाय क्रूर रूपाय विकिरण मूर्धने श्री नेत्राय खग धणे दुर्जया भय हराय सर्व शत्रु संारकाय स्वाहा
siddh mantraॐ ऐं ह्रीं श्रीं वाग्देव्यै सरस्वत्यै नमः
bhakti mantraॐ नमो नारसिंहाय
mool mantraॐ अन्तरिक्ष देवाय नमः
kaamya mantraसृष्टिस्थितिविनाशानां शक्तिभूते सनातनि। गुणाश्रये गुणमये नारायणि नमोऽस्तु ते॥