माता सरस्वती जप मंत्र
ॐ ह्रीं सरस्वत्यै नमः
मानसिक एकाग्रता और प्रज्ञा का जागरण। 46
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
मानसिक एकाग्रता और प्रज्ञा का जागरण। 46
इस मंत्र से क्या होगा?
मानसिक एकाग्रता और प्रज्ञा का जागरण
जाप विधि
१०८ बार, स्फटिक माला। 46
विशेष टिप्पणियाँ
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tantrik mantraॐ धूम्र लोचनी उग्र रूपिनी सकल विष्छेदिनी सकल विष संचय नाशय नाशय मारय मारय विषमज्वर ताप ज्वर शीत ज्वर वात ज्वर लूत ज्वर पयत्य ज्वर श्लेष्म ज्वर मोह ज्वर संदीपात ज्वर प्रेत ज्वर पिशाच ज्वर कृत्रिम ज्वर सकल रोग निवारिणी सकल ग्रह छेदिनी धूं धूं धूं धूं धूं धूमावती माम रक्षा रक्ष शीघ्रम शीघ्रमाच्छा गच्छ क्षिप्रमेव आरोग्यम कुरु कुरु हुम फट धूम धूम धूमावती स्वाहा
mool mantraॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः
stotra mantraनारायणाखिलगुरो भगवन्नमस्ते ॥ 4
gyan mantraॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः ॥
vaidik mantraॐ हस्ताभ्यां दशशाखाभ्यां जिह्वा वाचः पुरोगवी । अनामयित्नुभ्यां हस्ताभ्यां ताभ्यां त्वाभि मृशामसि ॥