ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
भगवान नरसिंह (स्तम्भन)

भगवान नरसिंह (स्तम्भन) जप मंत्र

ॐ नमो नृसिंहाय हिरण्यकश्यप-वक्ष-स्थल-विदारणाय त्रिभुवनव्यापकाय भूत, प्रेत, पिशाच, डाकिनी कुलोन्मूल नाशाय स्तम्भोद्भवाय समस्तदोषान् हर-हर विसर-विसर पच-पच-हन-हन-कम्पय-कम्पय मथ-मथ ह्रीं ह्रीं फट् फट् एह्येहि रुद्र आज्ञापयति स्वाहा

डाकिनी, पिशाच, भूत-प्रेत बाधा निवारण एवं कुसंगति में फंसे व्यक्ति का वशीकरण/सुधार। 76

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारजप मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

डाकिनी, पिशाच, भूत-प्रेत बाधा निवारण एवं कुसंगति में फंसे व्यक्ति का वशीकरण/सुधार। 76

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

डाकिनी, पिशाच, भूत-प्रेत बाधा निवारण एवं कुसंगति में फंसे व्यक्ति का वशीकरण/सुधार

जाप विधि

चार माला नित्य जप, नृसिंह त्रिलोह पवित्री धारण कर (रविवार से)। 76

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

tantrik mantra

ॐ नाशय नाशय सर्व दुष्टं नाशय फट् स्वाहा अरुण वरुण माला लंकृता शंकराग्रे विद्रुत परसु शक्तिम पुष्प बाणुचापंम विविध फण फणंद्र भूषण भूषितंग शरबिलनाथं नौम्य सालुवे

gyan mantra

सरस्वती महाभागे विद्ये कमललोचने । विश्वरूपे विशालाक्षि विद्यां देहि नमोऽस्तु ते ॥

shanti mantra

ॐ आप्यायन्तु ममाङ्गानि वाक्प्राणश्चक्षुः श्रोत्रमथो बलमिन्द्रियाणि च सर्वाणि । सर्वं ब्रह्मोपनिषदं माहं ब्रह्म निराकुर्यां मा मा ब्रह्म निराकरोदनिराकरणमस्त्वनिराकरणं मे अस्तु । तदात्मनि निरते य उपनिषत्सु धर्मास्ते मयि सन्तु ते मयि सन्तु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

kaamya mantra

श्रीं क्लीं श्रीं॥

vaidik mantra

ॐ त्वामग्ने पुष्करादध्यथर्वा निरमन्थत । मूर्ध्नो विश्वस्य वाघतः ॥

naam mantra

मित्र