भगवान नरसिंह (स्तम्भन) जप मंत्र
ॐ नमो नृसिंहाय हिरण्यकश्यप-वक्ष-स्थल-विदारणाय त्रिभुवनव्यापकाय भूत, प्रेत, पिशाच, डाकिनी कुलोन्मूल नाशाय स्तम्भोद्भवाय समस्तदोषान् हर-हर विसर-विसर पच-पच-हन-हन-कम्पय-कम्पय मथ-मथ ह्रीं ह्रीं फट् फट् एह्येहि रुद्र आज्ञापयति स्वाहा
डाकिनी, पिशाच, भूत-प्रेत बाधा निवारण एवं कुसंगति में फंसे व्यक्ति का वशीकरण/सुधार। 76
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
डाकिनी, पिशाच, भूत-प्रेत बाधा निवारण एवं कुसंगति में फंसे व्यक्ति का वशीकरण/सुधार। 76
इस मंत्र से क्या होगा?
डाकिनी, पिशाच, भूत-प्रेत बाधा निवारण एवं कुसंगति में फंसे व्यक्ति का वशीकरण/सुधार
जाप विधि
चार माला नित्य जप, नृसिंह त्रिलोह पवित्री धारण कर (रविवार से)। 76
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