ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
एकादश रुद्र (विलोहित रुद्र)

एकादश रुद्र (विलोहित रुद्र) मूल मंत्र

ॐ श्रीं ह्रीं सं सं ह्रीं श्रीं संकर्षणाय ॐ

व्यक्तिगत आकर्षण शक्ति में वृद्धि, विपरीत परिस्थितियों का अनुकूलन, उच्चाटन से रक्षा एवं आध्यात्मिक बल की प्राप्ति 7।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारमूल मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

व्यक्तिगत आकर्षण शक्ति में वृद्धि, विपरीत परिस्थितियों का अनुकूलन, उच्चाटन से रक्षा एवं आध्यात्मिक बल की प्राप्ति 7।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

व्यक्तिगत आकर्षण शक्ति में वृद्धि, विपरीत परिस्थितियों का अनुकूलन, उच्चाटन से रक्षा एवं आध्यात्मिक बल की प्राप्ति

जाप विधि

पवित्र स्थान पर एकाग्रता पूर्वक रुद्राक्ष की माला से इस मंत्र का नियमित जप किया जाता है 7।

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