भगवान राम (कोदण्ड राम मंत्र) मूल मंत्र
श्री राम जय राम कोदण्ड राम
विकट विपत्तियों और शत्रुओं का शमन, अटूट साहस की प्राप्ति एवं न्यायालयीन मुकदमों में विजय 1।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
विकट विपत्तियों और शत्रुओं का शमन, अटूट साहस की प्राप्ति एवं न्यायालयीन मुकदमों में विजय 1।
इस मंत्र से क्या होगा?
विकट विपत्तियों और शत्रुओं का शमन, अटूट साहस की प्राप्ति एवं न्यायालयीन मुकदमों में विजय
जाप विधि
रामनवमी के पावन अवसर पर या प्रत्येक मंगलवार को तुलसी की माला पर इस मंत्र का विशेष रूप से जप किया जाता है 1।
विशेष टिप्पणियाँ
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ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पुर्णमुदच्यते । पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
tantrik mantraॐ हस्ति पिशाचि लिखे स्वाहा अस्त्राय फट्
kavach mantraशम्भुर्मे मस्तकं पातु मुखं पातु महेश्वरः। दन्तपङ्क्तिं च नीलकण्ठोऽप्यधरोष्ठं हरः स्वयम्। कण्ठं पातु चन्द्रचूडः स्कन्धौ वृषवाहनः। वक्षःस्थलं नीलकण्ठः पातु पृष्ठं दिगम्बरः। स्वप्ने जागरणे चैव स्थाणुर्मे पातु सन्ततम्। 8
sabar mantraराम कुण्डली, ब्रह्मचाक । तेतीस कोटि देवा देवा अमुक की बेड़ियां । अमुकेर अंकेर बाण काटम्। शर काटम् । संधान काटम् । कुज्ञान काटम् । कारवणे काटे । राजा रामचन्द्रेर आज्ञा । राजा रामचन्द्ररे ऐई झण्डी अमुकेर अंगे शीघ्र लागूगे 25
dhyan mantraबर्हापीडं नटवरवपुः कर्णयोः कर्णिकारं बिभ्रद्वासः कनककपिशं वैजयन्तीं च मालाम्। रन्ध्रान् वेणोरधरसुधया पूरयन् गोपवृन्दैर्वृन्दारण्यं स्वपदरमणं प्राविशद् गीतकीर्तिः॥
beej mantraरां