ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
मंगल

मंगल मूल मंत्र

ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः (सामान्य मूल: ॐ भौमाय नमः)

मांगलिक दोष की शांति, दुर्घटनाओं से बचाव, ऋण से मुक्ति, साहस एवं पराक्रम में वृद्धि तथा संपत्ति विवादों का समाधान 47।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारमूल मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

मांगलिक दोष की शांति, दुर्घटनाओं से बचाव, ऋण से मुक्ति, साहस एवं पराक्रम में वृद्धि तथा संपत्ति विवादों का समाधान 47।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

मांगलिक दोष की शांति, दुर्घटनाओं से बचाव, ऋण से मुक्ति, साहस एवं पराक्रम में वृद्धि तथा संपत्ति विवादों का समाधान

जाप विधि

मंगलवार को प्रातःकाल रक्त वस्त्र धारण कर लाल आसन पर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके मूंगा या लाल चंदन की माला से जप करें। अनुष्ठान हेतु ४० दिन में १०,००० की संख्या पूर्ण करें 47।

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