निर्ऋति मूल मंत्र
ॐ निर्ऋतये नमः
दुर्भाग्य व अलक्ष्मी का नाश, भवन के नैऋत्य कोण के प्रबल वास्तु दोषों का शमन एवं अदृश्य बुरी शक्तियों से पूर्ण रक्षा 59।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
दुर्भाग्य व अलक्ष्मी का नाश, भवन के नैऋत्य कोण के प्रबल वास्तु दोषों का शमन एवं अदृश्य बुरी शक्तियों से पूर्ण रक्षा 59।
इस मंत्र से क्या होगा?
दुर्भाग्य व अलक्ष्मी का नाश, भवन के नैऋत्य कोण के प्रबल वास्तु दोषों का शमन एवं अदृश्य बुरी शक्तियों से पूर्ण रक्षा
जाप विधि
दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य कोण) की ओर मुख करके रुद्राक्ष या काले हकीक की माला से रात्रि के समय जप करें 59।
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