ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
निर्ऋति

निर्ऋति मूल मंत्र

ॐ निर्ऋतये नमः

दुर्भाग्य व अलक्ष्मी का नाश, भवन के नैऋत्य कोण के प्रबल वास्तु दोषों का शमन एवं अदृश्य बुरी शक्तियों से पूर्ण रक्षा 59।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारमूल मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

दुर्भाग्य व अलक्ष्मी का नाश, भवन के नैऋत्य कोण के प्रबल वास्तु दोषों का शमन एवं अदृश्य बुरी शक्तियों से पूर्ण रक्षा 59।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

दुर्भाग्य व अलक्ष्मी का नाश, भवन के नैऋत्य कोण के प्रबल वास्तु दोषों का शमन एवं अदृश्य बुरी शक्तियों से पूर्ण रक्षा

जाप विधि

दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य कोण) की ओर मुख करके रुद्राक्ष या काले हकीक की माला से रात्रि के समय जप करें 59।

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