ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
महालक्ष्मी (कमलात्मिका मूल मंत्र)

महालक्ष्मी (कमलात्मिका मूल मंत्र) मूल मंत्र

ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मये नमः

व्यापार व नौकरी में भारी सफलता, कठोर ऋण से मुक्ति, और पीढ़ियों तक निरंतर धन-धान्य की समृद्धि बनाए रखना 1।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारमूल मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

व्यापार व नौकरी में भारी सफलता, कठोर ऋण से मुक्ति, और पीढ़ियों तक निरंतर धन-धान्य की समृद्धि बनाए रखना 1।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

व्यापार व नौकरी में भारी सफलता, कठोर ऋण से मुक्ति, और पीढ़ियों तक निरंतर धन-धान्य की समृद्धि बनाए रखना

जाप विधि

श्री यंत्र या देवी प्रतिमा के समक्ष शुद्ध घी का दीपक जलाकर कमलगट्टे या स्फटिक की माला से १०८ बार जप करें 1।

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