ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
महालक्ष्मी (कमलात्मिका मूल मंत्र)

महालक्ष्मी (कमलात्मिका मूल मंत्र) मूल मंत्र

ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मये नमः

व्यापार व नौकरी में भारी सफलता, कठोर ऋण से मुक्ति, और पीढ़ियों तक निरंतर धन-धान्य की समृद्धि बनाए रखना 1।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारमूल मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

व्यापार व नौकरी में भारी सफलता, कठोर ऋण से मुक्ति, और पीढ़ियों तक निरंतर धन-धान्य की समृद्धि बनाए रखना 1।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

व्यापार व नौकरी में भारी सफलता, कठोर ऋण से मुक्ति, और पीढ़ियों तक निरंतर धन-धान्य की समृद्धि बनाए रखना

जाप विधि

श्री यंत्र या देवी प्रतिमा के समक्ष शुद्ध घी का दीपक जलाकर कमलगट्टे या स्फटिक की माला से १०८ बार जप करें 1।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

navgrah mantra

ॐ घृणि सूर्याय नमः

tantrik mantra

ॐ श्री सुदर्शनाय हेतिराजाय नमः

kavach mantra

श्रीम क्लीम सरस्वती बुद्ध जन्य स्वाहा सततम मंत्र राजोयम दक्षिणे मां सदावतु ऐम ह्रीम श्रीम क्लीम त्र्यक्षरो मंत्रो नैऋत्यम सर्वदावतु ओम ऐकवासिन्य स्वाहा मां वारुणेवतु ओम सर्वांबिकाय स्वाहा वायव्यमा सदावतु ओम ऐम श्रीम क्लीम गद्यवासिन्य स्वाहा माम उत्तरेवतु ऐम सर्वशास्त्र वासिन्ये स्वाहान्य सदा ओम ह्रीम सर्व पूजिता स्वाहा चोरध्वं सदावतु ओम ह्रीम पुस्तक वासिन्य स्वाहा धोमांम सदावतु ओम ग्रंथ बीज स्वरूपाय स्वाहा मां सर्वतो वतु इति कथित विप्र ब्राह्म मंत्र विग्रहम इदम विश्व जयं नाम कवचम ब्रह्म रूपकम पंचलक्ष जपे नैव सिद्धमु कवचम भवे यदि सिद्ध कवचो बृहस्पति समो भवे महा वाग्मी कविंद्र त्रैलोक्य विजयी भवेत 27

gyan mantra

ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्तये मह्यं मेधां प्रज्ञां प्रयच्छ स्वाहा ॥

shanti mantra

लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

vaidik mantra

ॐ त्वामग्ने पुष्करादध्यथर्वा निरमन्थत । मूर्ध्नो विश्वस्य वाघतः ॥