महालक्ष्मी (कमलात्मिका मूल मंत्र) मूल मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मये नमः
व्यापार व नौकरी में भारी सफलता, कठोर ऋण से मुक्ति, और पीढ़ियों तक निरंतर धन-धान्य की समृद्धि बनाए रखना 1।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
व्यापार व नौकरी में भारी सफलता, कठोर ऋण से मुक्ति, और पीढ़ियों तक निरंतर धन-धान्य की समृद्धि बनाए रखना 1।
इस मंत्र से क्या होगा?
व्यापार व नौकरी में भारी सफलता, कठोर ऋण से मुक्ति, और पीढ़ियों तक निरंतर धन-धान्य की समृद्धि बनाए रखना
जाप विधि
श्री यंत्र या देवी प्रतिमा के समक्ष शुद्ध घी का दीपक जलाकर कमलगट्टे या स्फटिक की माला से १०८ बार जप करें 1।
विशेष टिप्पणियाँ
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