ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
पुरुष / पुरुष सूक्त (१०.९०.३)

पुरुष / पुरुष सूक्त (१०.९०.३) वैदिक मंत्र

ॐ एतावानस्य महिमातो ज्यायांश्च पूरुषः । पादोऽस्य विश्वा भूतानि त्रिपादस्यामृतं दिवि ॥

सांसारिक आसक्ति से मुक्ति, ब्रह्म की अनन्त महिमा का ज्ञान एवं पारलौकिक शांति की प्राप्ति।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारवैदिक मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

सांसारिक आसक्ति से मुक्ति, ब्रह्म की अनन्त महिमा का ज्ञान एवं पारलौकिक शांति की प्राप्ति।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

सांसारिक आसक्ति से मुक्ति, ब्रह्म की अनन्त महिमा का ज्ञान एवं पारलौकिक शांति की प्राप्ति

जाप विधि

आभ्यन्तर ध्यान के समय नेत्र बंद कर परमात्मा के विराट् स्वरूप का चिंतन करते हुए मानसिक जप।

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