पुरुष / पुरुष सूक्त (१०.९०.२) वैदिक मंत्र
ॐ पुरुष एवेदं सर्वं यद्भूतं यच्च भाव्यम् । उतामृतत्वस्येशानो यदन्नेनातिरोहति ॥
भूत, भविष्य और वर्तमान में ईश्वरीय सत्ता की अनुभूति एवं मोक्ष (अमृतत्व) की ओर गमन।
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यह मंत्र क्यों?
भूत, भविष्य और वर्तमान में ईश्वरीय सत्ता की अनुभूति एवं मोक्ष (अमृतत्व) की ओर गमन।
इस मंत्र से क्या होगा?
भूत, भविष्य और वर्तमान में ईश्वरीय सत्ता की अनुभूति एवं मोक्ष (अमृतत्व) की ओर गमन
जाप विधि
देव-प्रतिमा स्नान, अभिषेक अथवा ध्यान के समय एकाग्र भाव से मन्द स्वर में जप।
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