ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
शान्ति / शान्ति सूक्त (१९.९.१)

शान्ति / शान्ति सूक्त (१९.९.१) वैदिक मंत्र

ॐ शान्ता द्यौः शान्ता पृथिवी शान्तमिदमुर्वन्तरिक्षम् । शान्ता उदन्वतीरापः शान्ता नः सन्त्वोषधयः ॥

ब्रह्माण्ड के सभी भौतिक स्तरों (आकाश, पृथ्वी, जल, औषधियों) में संतुलन, भय का निवारण एवं परम-शांति की स्थापना।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारवैदिक मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

ब्रह्माण्ड के सभी भौतिक स्तरों (आकाश, पृथ्वी, जल, औषधियों) में संतुलन, भय का निवारण एवं परम-शांति की स्थापना।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

ब्रह्माण्ड के सभी भौतिक स्तरों (आकाश, पृथ्वी, जल, औषधियों) में संतुलन, भय का निवारण एवं परम-शांति की स्थापना

जाप विधि

किसी अनिष्ट की आशंका होने पर या प्राकृतिक आपदाओं के निवारण हेतु सामूहिक शांति-यज्ञ में आहुति के साथ सस्वर पाठ।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

stotra mantra

विश्वं विष्णुर्वषट्कारो भूतभव्यभवत्प्रभुः । भूतकृद्भूतभृद्भावो भूतात्मा भूतभावनः॥ 1

sabar mantra

ओम नमो आदेश गुरु जी को आदेश पहला गण गणपति 14 विद्या सारथी जति सती कैलाशपति बल भीम मारुती आले विघ्न निवारी साईं गोरखनाथ की दुआही गुरु की शक्ति मेरी भक्ति चले मंत्र ईश्वरी वाचा पिंड कच्चा गुरु गोरखनाथ का शब्द सच्चा 24

naam mantra

वाग्देवी

shanti mantra

ॐ वाङ् मे मनसि प्रतिष्ठिता । मनो मे वाचि प्रतिष्ठितम् । आविरावीर्म एधि । वेदस्य म आणीस्थः । श्रुतं मे मा प्रहासीः । अनेनाधीतेनाहोरात्रान्सन्दधामि । ऋतं वदिष्यामि । सत्यं वदिष्यामि । तन्मामवतु । तद्वक्तारमवतु । अवतु माम् । अवतु वक्तारम् । अवतु वक्तारम् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

bhakti mantra

ॐ श्री बालपरमेश्वर्यै नमः

navgrah mantra

ॐ ह्रीं क्रूं क्रूररूपिणे केतवे ऐं सौः स्वाहा॥