शान्ति / शान्ति सूक्त (१९.९.१) वैदिक मंत्र
ॐ शान्ता द्यौः शान्ता पृथिवी शान्तमिदमुर्वन्तरिक्षम् । शान्ता उदन्वतीरापः शान्ता नः सन्त्वोषधयः ॥
ब्रह्माण्ड के सभी भौतिक स्तरों (आकाश, पृथ्वी, जल, औषधियों) में संतुलन, भय का निवारण एवं परम-शांति की स्थापना।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
ब्रह्माण्ड के सभी भौतिक स्तरों (आकाश, पृथ्वी, जल, औषधियों) में संतुलन, भय का निवारण एवं परम-शांति की स्थापना।
इस मंत्र से क्या होगा?
ब्रह्माण्ड के सभी भौतिक स्तरों (आकाश, पृथ्वी, जल, औषधियों) में संतुलन, भय का निवारण एवं परम-शांति की स्थापना
जाप विधि
किसी अनिष्ट की आशंका होने पर या प्राकृतिक आपदाओं के निवारण हेतु सामूहिक शांति-यज्ञ में आहुति के साथ सस्वर पाठ।
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