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उद्देश्य अनुसार मंत्र
दैवी मेधा एवं सरस्वती

दैवी मेधा एवं सरस्वती ज्ञान मंत्र

मेधां म इन्द्रो दधातु मेधां देवी सरस्वती । मेधां मे अश्विनावुभावाधत्तां पुष्करस्रजा । अप्सरासु च या मेधा गन्धर्वेषु च यन्मनः । दैवीं मेधा सरस्वती सा मां मेधा सुरभिर्जुषतां स्वाहा ॥

अप्सराओं और गंधर्वों जैसी तीक्ष्ण मेधा, कला-कौशल में निपुणता और दिव्य स्मरण शक्ति 2।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारज्ञान मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

अप्सराओं और गंधर्वों जैसी तीक्ष्ण मेधा, कला-कौशल में निपुणता और दिव्य स्मरण शक्ति 2।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

अप्सराओं और गंधर्वों जैसी तीक्ष्ण मेधा, कला-कौशल में निपुणता और दिव्य स्मरण शक्ति

जाप विधि

प्रातःकाल विद्याध्ययन से पूर्व ध्यानमग्न होकर पाठ 2।

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