ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
मेधा देवी (तत्त्वज्ञान प्रदायिनी)

मेधा देवी (तत्त्वज्ञान प्रदायिनी) ज्ञान मंत्र

मेधां मे वरुणो ददातु मेधामग्निः प्रजापतिः । मेधामिन्द्रश्च वायुश्च मेधां धाता ददातु मे स्वाहा ॥

समस्त विद्याओं के 'तत्त्वज्ञान' को समझने की सूक्ष्म दृष्टि और कुशाग्रता 2।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारज्ञान मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

समस्त विद्याओं के 'तत्त्वज्ञान' को समझने की सूक्ष्म दृष्टि और कुशाग्रता 2।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

समस्त विद्याओं के 'तत्त्वज्ञान' को समझने की सूक्ष्म दृष्टि और कुशाग्रता

जाप विधि

विद्या आरम्भ या मेधा वृद्धि अनुष्ठान के अंतर्गत सस्वर पाठ 2।

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