मेधा देवी (तत्त्वज्ञान प्रदायिनी) ज्ञान मंत्र
मेधां मे वरुणो ददातु मेधामग्निः प्रजापतिः । मेधामिन्द्रश्च वायुश्च मेधां धाता ददातु मे स्वाहा ॥
समस्त विद्याओं के 'तत्त्वज्ञान' को समझने की सूक्ष्म दृष्टि और कुशाग्रता 2।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
समस्त विद्याओं के 'तत्त्वज्ञान' को समझने की सूक्ष्म दृष्टि और कुशाग्रता 2।
इस मंत्र से क्या होगा?
समस्त विद्याओं के 'तत्त्वज्ञान' को समझने की सूक्ष्म दृष्टि और कुशाग्रता
जाप विधि
विद्या आरम्भ या मेधा वृद्धि अनुष्ठान के अंतर्गत सस्वर पाठ 2।
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ॐ जटाजूटसमायुक्तमर्धेन्दुकृतलक्षणम्। लोचनत्रयसंयुक्तं पातु मां सर्वतोमुखीम्॥
naam mantraजय राम
kaamya mantraॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्तये मह्यं मेधां प्रज्ञां प्रयच्छ स्वाहा।
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tantrik mantraॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं