भगवान (वराहावतार) नाम मंत्र
श्वेतवराह
विचारों की पूर्ण पवित्रता एवं वर्तमान कल्प (श्वेतवराह कल्प) के दोषों से मुक्ति।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
विचारों की पूर्ण पवित्रता एवं वर्तमान कल्प (श्वेतवराह कल्प) के दोषों से मुक्ति।
इस मंत्र से क्या होगा?
विचारों की पूर्ण पवित्रता एवं वर्तमान कल्प (श्वेतवराह कल्प) के दोषों से मुक्ति
जाप विधि
श्वेत वर्ण का ध्यान करते हुए मानसिक जप।
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अर्धकायं महावीर्यं चंद्रादित्य विमर्दनम्। सिंहिकागर्भ सम्भूतं तं राहुं प्रणमाम्यहम्॥
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bhakti mantraश्री राम जय राम जय जय राम
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