ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
भगवान विष्णु

भगवान विष्णु नाम मंत्र

शेषशायी

सुखद निद्रा, बुरे स्वप्नों से रक्षा एवं भयानक परिस्थितियों में भी शांत रहने की कला।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारनाम मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

सुखद निद्रा, बुरे स्वप्नों से रक्षा एवं भयानक परिस्थितियों में भी शांत रहने की कला।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

सुखद निद्रा, बुरे स्वप्नों से रक्षा एवं भयानक परिस्थितियों में भी शांत रहने की कला

जाप विधि

रात्रि में शयन करने से पूर्व लेटकर श्वास के साथ जप।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

kavach mantra

ऊरू रघूत्तमः पातु रक्षःकुलविनाशकृत्। जानुनी सेतुकृत् पातु जङ्घे दशमुखान्तकः। पादौ विभीषणश्रीदः पातु रामोऽखिलं वपुः। एतां रामबलोपेतां रक्षां यः सुकृती पठेत्। स चिरायुः सुखी पुत्री विजयी विनयी भवेत्। पातालभूतलव्योम- चारिणश्छद्मचारिणः। न द्रष्टुमपि शक्तास्ते रक्षितं रामनामभिः। रामेति रामभद्रेति रामचन्द्रेति वा स्मरन्। नरो न लिप्यते पापैर्भुक्तिं मुक्तिं च विन्दति। जगज्जैत्रैकमन्त्रेण रामनाम्नाभिरक्षितम्। यः कण्ठे धारयेत्तस्य करस्थाः सर्वसिद्धयः। वज्रपञ्जरनामेदं यो रामकवचं स्मरेत्। अव्याहताज्ञः सर्वत्र लभते जयमङ्गलम्। 34

sabar mantra

गुरु गोरखनाथ की दुहाई, फूल चढ़े तो वह मोहे। शब्द सांचा, पीर मेरा पावना 13

tantrik mantra

ॐ हं सं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नमः

ugra mantra

ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा

siddh mantra

श्मशान भैरवि नररुधिरास्थि - वसाभक्षिणि सिद्धिं मे देहि मम मनोरथान् पूरय हुं फट् स्वाहा ॥

jap mantra

ॐ दाम् दत्तात्रेयाय स्वाहा