कालिका (घोर रूपा) उग्र मंत्र
ॐ क्रीं हूं क्रीं सर्व शत्रु स्तंभिनी घोर कालिकायै फट्
शत्रुओं की गति, वाणी व बुद्धि का पूर्ण स्तंभन (Paralysis of enemies) 40।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
शत्रुओं की गति, वाणी व बुद्धि का पूर्ण स्तंभन (Paralysis of enemies) 40।
इस मंत्र से क्या होगा?
शत्रुओं की गति, वाणी व बुद्धि का पूर्ण स्तंभन (Paralysis of enemies)
जाप विधि
चिंतामुक्त होकर पूर्ण आस्था के साथ एकांत में श्रवण व मानसिक जप 40।
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