शरभेश्वर (महामाला मंत्र) उग्र मंत्र
ॐ खं खं खं सर्व शत्रु संहारणाय स्वाहा
महा-ग्रह बंधन और प्रेत बंधन से मुक्ति, शत्रु का समूल नाश और सभी प्रकार के घोर तांत्रिक बंधनों की काट 15।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
महा-ग्रह बंधन और प्रेत बंधन से मुक्ति, शत्रु का समूल नाश और सभी प्रकार के घोर तांत्रिक बंधनों की काट 15।
इस मंत्र से क्या होगा?
महा-ग्रह बंधन और प्रेत बंधन से मुक्ति, शत्रु का समूल नाश और सभी प्रकार के घोर तांत्रिक बंधनों की काट
जाप विधि
यह 42 अक्षरों वाले महामाला मंत्र का सूक्ष्म अंश है। प्रत्येक मंत्रवर्ण पर एक हजार (कुल 42 हजार) या 1 लाख जप कर दशांश हवन, तर्पण और मार्जन किया जाता है 15।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
अयमात्मा ब्रह्म
vaidik mantraॐ अग्निः पूर्वेभिर्ऋषिभिरीड्यो नूतनैरुत । स देवाँ एह वक्षति ॥
stotra mantraनमः समस्तभूतानामादिभूताय भूभृते । अनेकरुपरुपाय विष्णवे प्रभविष्णवे ॥ 2
jap mantraॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा
kaamya mantraअच्युतानन्त गोविन्द नामोच्चारणभेषजात्। नश्यन्ति सकला रोगाः सत्यं सत्यं वदाम्यहम्॥
naam mantraवृषभानु दुलारी