शरभेश्वर (महामाला मंत्र) उग्र मंत्र
ॐ खं खं खं सर्व शत्रु संहारणाय स्वाहा
महा-ग्रह बंधन और प्रेत बंधन से मुक्ति, शत्रु का समूल नाश और सभी प्रकार के घोर तांत्रिक बंधनों की काट 15।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
महा-ग्रह बंधन और प्रेत बंधन से मुक्ति, शत्रु का समूल नाश और सभी प्रकार के घोर तांत्रिक बंधनों की काट 15।
इस मंत्र से क्या होगा?
महा-ग्रह बंधन और प्रेत बंधन से मुक्ति, शत्रु का समूल नाश और सभी प्रकार के घोर तांत्रिक बंधनों की काट
जाप विधि
यह 42 अक्षरों वाले महामाला मंत्र का सूक्ष्म अंश है। प्रत्येक मंत्रवर्ण पर एक हजार (कुल 42 हजार) या 1 लाख जप कर दशांश हवन, तर्पण और मार्जन किया जाता है 15।
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