उद्देश्य अनुसार मंत्र
शरभेश्वर (महामाला मंत्र)
शरभेश्वर (महामाला मंत्र) उग्र मंत्र
ॐ खं खं खं सर्व शत्रु संहारणाय स्वाहा
महा-ग्रह बंधन और प्रेत बंधन से मुक्ति, शत्रु का समूल नाश और सभी प्रकार के घोर तांत्रिक बंधनों की काट 15।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारउग्र मंत्र
प्रयोजन
यह मंत्र क्यों?
महा-ग्रह बंधन और प्रेत बंधन से मुक्ति, शत्रु का समूल नाश और सभी प्रकार के घोर तांत्रिक बंधनों की काट 15।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
महा-ग्रह बंधन और प्रेत बंधन से मुक्ति, शत्रु का समूल नाश और सभी प्रकार के घोर तांत्रिक बंधनों की काट
जाप विधि
यह 42 अक्षरों वाले महामाला मंत्र का सूक्ष्म अंश है। प्रत्येक मंत्रवर्ण पर एक हजार (कुल 42 हजार) या 1 लाख जप कर दशांश हवन, तर्पण और मार्जन किया जाता है 15।
विशेष टिप्पणियाँ
इसे भी पढ़ें
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें