भगवान (परशुराम अवतार) नाम मंत्र
जामदग्न्य
पितृ-भक्ति, पितृ दोष शांति एवं कठोर आज्ञापालन का गुण।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
पितृ-भक्ति, पितृ दोष शांति एवं कठोर आज्ञापालन का गुण।
इस मंत्र से क्या होगा?
पितृ-भक्ति, पितृ दोष शांति एवं कठोर आज्ञापालन का गुण
जाप विधि
पिता के प्रति आदर भाव से वैखरी जप।
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ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः
kaamya mantraसर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
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sabar mantraकाल भैरव का जो नाम ले नर नारी उसके लिए मूठ कभी ना पड़े भारी जय जय काल भैरव देव मूठ चली हवा बनकर काल भैरव चले ढाल बनकर अष्ट हाथ भैरव जी के फैले काट दी जड़ मूठ की चढ़ा दी आकाश नीचे काटी ऊपर काटी काट दी पाताल में 11
shanti mantraलोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
tantrik mantraॐ सर्व बुद्धि प्रदे वर्णनीय सर्व सिद्धि प्रदे डाकिनीय ॐ वज्र वैरोचनीयै नमः