भगवान शिव नाम मंत्र
शिव शिव
तत्काल संकट निवारण, भय-नाश एवं चित्त की अचंचल, अगाध शांति की स्थापना।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
तत्काल संकट निवारण, भय-नाश एवं चित्त की अचंचल, अगाध शांति की स्थापना।
इस मंत्र से क्या होगा?
तत्काल संकट निवारण, भय-नाश एवं चित्त की अचंचल, अगाध शांति की स्थापना
जाप विधि
विपत्ति, अचानक दर्द या पीड़ा के समय सस्वर या मानसिक जप (करुण पुकार)।
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ॐ हुं हुं शत्रुस्तम्भनाय हुं हुं ॐ फट्
ugra mantraॐ नमो महादेव को काला भैरव काली रात भैरव चले अमावसरा आगे भैरव पीछे भैरव बाएं भैरव बाएं भैरव ऊपर पर आकाश भैरव नीचे पाताल भैरव पांच कोष पूरब बांध पांच कोष पश्चिम बांध पांच कोष उत्तर पांच कोष दक्षिण बांध जल थल वन गिरी गुफा बांध सात लोक सात पाताल नौ खंड बांध घर बांध दरवाजा बांध डाकनी साकनी पिशाचनी बांध भूत प्रेत वैताल खबीस चुड़ैल बांध मरघट कोशान शमशान की राख हवेरी की विद्या घोर क्रिया बांध भैरव की जंजीर चले हर बुरी बला दुष्ट शक्ति को बांध मृत्यु का भय काल की छाया समय की रेखा मंत्र की शक्ति तंत्र को प्रहार हाथ का खप्पर शत्रु का अस्त्रघात बांध हर बुरी बला दुष्ट शत्रु से रक्षा कर लीला ऐसा मार्ग खोले ना खुले जो खोले भैरव करंड से शत्रु नरक को जाए भाई शिव शंकर की दुहाई मदाकारी की ओम भैरवाय नमः
shanti mantraॐ सह नाववतु । सह नौ भुनक्तु । सह वीर्यं करवावहै । तेजस्विनावधीतमस्तु मा विद्विषावहै ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
vaidik mantraॐ शान्ता द्यौः शान्ता पृथिवी शान्तमिदमुर्वन्तरिक्षम् । शान्ता उदन्वतीरापः शान्ता नः सन्त्वोषधयः ॥
bhakti mantraॐ नमो नारसिंहाय
kaamya mantraनतेभ्यः सर्वदा भक्त्या चण्डिके दुरितापहे। रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥