चामुण्डा (नवार्ण आधार) उग्र मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
आत्मबल और आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि, जीवन की विपत्तियों का नाश और शक्ति का तीव्र संचार 43।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
आत्मबल और आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि, जीवन की विपत्तियों का नाश और शक्ति का तीव्र संचार 43।
इस मंत्र से क्या होगा?
आत्मबल और आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि, जीवन की विपत्तियों का नाश और शक्ति का तीव्र संचार
जाप विधि
गुरु दीक्षा उपरांत रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से नित्य जप। मन को पूर्णतः एकाग्र रखना आवश्यक है 42।
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सिद्धिविनायक
siddh mantraॐ श्रीं ह्रीं क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजन वल्लभाय पराय परमपुरुषाय परात्मने परकर्म मन्त्र यन्त्र तन्त्र औषध विष आभिचार अस्त्र शस्त्र संहर संहर मृत्युर् मोचय मोचय । ॐ नमो भगवते महा सुदर्शनाय । ॐ प्रीं रीं रुँ दीप्त्रेय ज्वलापरीताय सर्वदिग्क्षोभनकाराय कारय हुं फट् परब्रह्मणे परमज्योतिषे स्वाहा ।
vaidik mantraॐ सङ्गच्छध्वं संवदध्वं सं वो मनांसि जानताम् । देवा भागं यथा पूर्वे सञ्जानाना उपासते ॥
sabar mantraॐ नमो काली कंकाली पीती भर भर रक्त प्याली चाम की गठड़ी हाड़ की माला भजो आनंद सुंदरी बाला भरपूर वसन कर ले उठाई काम क्रोध कलिका माई लेके अपनी भेंट कड़ाई अमुक की छाती घात चलाई घाट में मरघट कालिका आई कालिका ने अमुक की कच्ची कलेजी खाई न खाई तो कीनाराम औघड़ की दुहाई 12
gyan mantraया कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना । या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा ॥
kaamya mantraॐ श्रीं महालक्ष्म्यै स्वाहा।