नवग्रह (शनि) नाम मंत्र
शनि
साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों का त्वरित शमन, धैर्य, अनुशासन एवं रोजगार में स्थिरता।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों का त्वरित शमन, धैर्य, अनुशासन एवं रोजगार में स्थिरता।
इस मंत्र से क्या होगा?
साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों का त्वरित शमन, धैर्य, अनुशासन एवं रोजगार में स्थिरता
जाप विधि
शनिवार को पश्चिम दिशा की ओर मुख करके या चलते-फिरते मानसिक जप।
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kavach mantraसकलायुध सम्पूर्ण निखिलाङ्ग सुदर्शन यदम कवच दिव्यम परमानंद दायिनं सौदर्शन यो सदा शुद्ध पठे नरह तस्या सिद्धि विपुला करस्था भवति ध्रुवं कोष्माण्ड चण्ड भूता ये दुष्टा ग्रहा स्मृता पलायन्ते निशंभीता वर्मनोस्य प्रभावतः कुष्ठा पस्मा गुलमा व्याध कर्म हेतुका नश्य तन मंत्रिता भूपाना सप्त दिनावधी अनेन मन्त्रिता मृतानां तुलसी मूल संस्थितां ललाटे तिलकं कृत्वा मोहये त्रिजगन्नरः। 17