नवग्रह (शनि) नाम मंत्र
शनि
साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों का त्वरित शमन, धैर्य, अनुशासन एवं रोजगार में स्थिरता।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों का त्वरित शमन, धैर्य, अनुशासन एवं रोजगार में स्थिरता।
इस मंत्र से क्या होगा?
साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों का त्वरित शमन, धैर्य, अनुशासन एवं रोजगार में स्थिरता
जाप विधि
शनिवार को पश्चिम दिशा की ओर मुख करके या चलते-फिरते मानसिक जप।
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ॐ ऐं वाग्देव्यै विद्महे कामराजाय धीमहि । तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
vaidik mantraॐ मेधां म इन्द्रो दधातु मेधां देवी सरस्वती । मेधां मे अश्विनावुभावाधत्तां पुष्करस्रजौ ॥
sabar mantraराम कुण्डली, ब्रह्मचाक । तेतीस कोटि देवा देवा अमुक की बेड़ियां । अमुकेर अंकेर बाण काटम्। शर काटम् । संधान काटम् । कुज्ञान काटम् । कारवणे काटे । राजा रामचन्द्रेर आज्ञा । राजा रामचन्द्ररे ऐई झण्डी अमुकेर अंगे शीघ्र लागूगे 25
gyan mantraयोगीश्वरो महासेनः कार्तिकेयोऽग्निनन्दनः । स्कंदः कुमारः सेनानी स्वामी शंकरसंभवः ॥ गांगेयस्ताम्रचूडश्च ब्रह्मचारी शिखिध्वजः । तारकारिरुमापुत्रः क्रोधारिश्च षडाननः ॥ शब्दब्रह्मसमुद्रश्च सिद्धः सारस्वतो गुहः । सनत्कुमारो भगवान् भोगमोक्षफलप्रदः ॥ शरजन्मा गणाधीशः पूर्वजो मुक्तिमार्गकृत् । सर्वागमप्रणेता च वांछितार्थप्रदर्शनः ॥ अष्टाविंशतिनामानि मदीयानीति यः पठेत् । प्रत्यूषं श्रद्धया युक्तो मूको वाचस्पतिर्भवेत् ॥ महामंत्रमयानीति मम नामानुकीर्तनात् । महाप्रज्ञामवाप्नोति नात्र कार्या विचारणा ॥
kaamya mantraस्ह्क्ल्रीं हं॥
tantrik mantraॐ हं सं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नमः