ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
केतु

केतु नवग्रह मंत्र

ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः॥

केतु की मारक महादशा या अंतर्दशा में होने वाले आकस्मिक पतन, शल्य चिकित्सा (Surgery) या रक्तस्राव वाली दुर्घटनाओं को रोकने, तथा मोक्ष व कुंडलिनी शक्ति के आध्यात्मिक जागरण हेतु इस तांत्रिक बीज मंत्र का उ

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारनवग्रह मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

केतु की मारक महादशा या अंतर्दशा में होने वाले आकस्मिक पतन, शल्य चिकित्सा (Surgery) या रक्तस्राव वाली दुर्घटनाओं को रोकने, तथा मोक्ष व कुंडलिनी शक्ति के आध्यात्मिक जागरण हेतु इस तांत्रिक बीज मंत्र का उपयोग होता है। 4

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

केतु की मारक महादशा या अंतर्दशा में होने वाले आकस्मिक पतन, शल्य चिकित्सा (Surgery) या रक्तस्राव वाली दुर्घटनाओं को रोकने, तथा मोक्ष व कुंडलिनी शक्ति के आध्यात्मिक जागरण हेतु इस तांत्रिक बीज मंत्र का उपयोग होता है

जाप विधि

मंगलवार अथवा गुरुवार की रात्रि में सत्रह हजार बार चालीस दिनों की अवधि में जप पूर्ण करें। गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ साथ में करना अत्यंत लाभकारी माना गया है। 1

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