ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
शनि

शनि नवग्रह मंत्र

नीलांजन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्। छायामार्तंड सम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्॥

सड़क दुर्घटनाओं से रक्षा, मृत्युतुल्य कष्टों (मारकेश प्रभाव) का नाश, अकारण भय से मुक्ति और क्रूर शनिदेव को प्रसन्न कर उनकी कृपा व संरक्षण प्राप्त करने हेतु यह पौराणिक मंत्र जपा जाता है। 13

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारनवग्रह मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

सड़क दुर्घटनाओं से रक्षा, मृत्युतुल्य कष्टों (मारकेश प्रभाव) का नाश, अकारण भय से मुक्ति और क्रूर शनिदेव को प्रसन्न कर उनकी कृपा व संरक्षण प्राप्त करने हेतु यह पौराणिक मंत्र जपा जाता है। 13

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

सड़क दुर्घटनाओं से रक्षा, मृत्युतुल्य कष्टों (मारकेश प्रभाव) का नाश, अकारण भय से मुक्ति और क्रूर शनिदेव को प्रसन्न कर उनकी कृपा व संरक्षण प्राप्त करने हेतु यह पौराणिक मंत्र जपा जाता है

जाप विधि

नित्य सायं काल सूर्यास्त के पश्चात् पश्चिम मुख होकर एक सौ आठ बार पाठ करें। हनुमान जी की उपासना के उपरांत पाठ करने से फल त्वरित मिलता है। 12

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