ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
वरुण / क्षमा प्रार्थना मंत्र (५.८५.८)

वरुण / क्षमा प्रार्थना मंत्र (५.८५.८) वैदिक मंत्र

ॐ कितावासो यद्रिरिपुर्न दीवि यद्वाघा सत्यमुत यन्न विद्म । सर्वा ता विष्य शिथिरेव देवाथा ते स्याम वरुण प्रियासः ॥

सचेतन एवं अचेतन अवस्था में किए गए पापों से मुक्ति, आत्मग्लानि का शमन एवं ईश्वरीय कृपा।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारवैदिक मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

सचेतन एवं अचेतन अवस्था में किए गए पापों से मुक्ति, आत्मग्लानि का शमन एवं ईश्वरीय कृपा।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

सचेतन एवं अचेतन अवस्था में किए गए पापों से मुक्ति, आत्मग्लानि का शमन एवं ईश्वरीय कृपा

जाप विधि

सायं कालीन संध्या वंदन के देव-तर्पण भाग में अथवा रात्रि शयन से पूर्व ३ बार मानसिक जप।

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