नवग्रह (राहु) नाम मंत्र
सैंहिकेय
मायावी शत्रुओं की पहचान, तंत्र-बाधा नाश एवं कूटनीतिक (Diplomatic) चालों में विजय।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
मायावी शत्रुओं की पहचान, तंत्र-बाधा नाश एवं कूटनीतिक (Diplomatic) चालों में विजय।
इस मंत्र से क्या होगा?
मायावी शत्रुओं की पहचान, तंत्र-बाधा नाश एवं कूटनीतिक (Diplomatic) चालों में विजय
जाप विधि
भ्रम या अनिर्णय की स्थिति में मानसिक स्मरण।
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विष्णु-स्तुतिपरां लक्ष्मीं स्वर्णवर्णां स्तुति-प्रियाम् । वरदाभयदां देवीं वन्दे त्वां कमलेक्षणे ॥ 27
gyan mantraॐ वागीश्वराय विद्महे हयग्रीवाय धीमहि तन्नो हंसः प्रचोदयात् ॥
sabar mantraझाड़ि झाड़ि कापड़ पिन्दि । वीर मुष्टे बांधि बाल । बुले एलाम मशान भूम होते भैरव। कटार हाते। लोहार बाड़ी। बाम हाते चामदड़ि। आज्ञा दिल राजा चुडं हाते । लोहार किला । मुद्गर धिनि। विगलि घुंडिकार आज्ञे 25
tantrik mantraॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट्
siddh mantraॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं ह्सौः जगत्प्रसूत्यै नमः ॥
kavach mantraॐ भूर्भुव: स्व: प्रांचामा पातु भूतेशः अग्ने पातु शंकर दक्षिणे पातुमा रुद्रो नैऋत्य स्थानु रेवच पश्चिमे खंड परशु वायव्या चंद्रशेखर उत्तरे गिरीशः पातु चैशान्य ईश्वर स्वयं उर्ध्वे मुंड सदा पातु चाध्य मृत्युंजय स्वयं जले स्थले चांदरीक्षे स्वप्ने जागरने सदा पिना कितुमा प्रीत्या भक्तम वैभक्त वत्सल य: सदा धारयेन्मर्त्य: शैवं कवचमुत्तमम् । न तस्य जायते क्वापि भयं शंभोरनुग्रहात् ॥ 30॥ इति अमोघ शिव कवच सम्पूर्ण ॥ 4