नवग्रह (गुरु) नाम मंत्र
बृहस्पति
समाज में भारी मान-सम्मान, विवेक का जागरण एवं गुरु-कृपा की प्राप्ति।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
समाज में भारी मान-सम्मान, विवेक का जागरण एवं गुरु-कृपा की प्राप्ति।
इस मंत्र से क्या होगा?
समाज में भारी मान-सम्मान, विवेक का जागरण एवं गुरु-कृपा की प्राप्ति
जाप विधि
आज्ञा चक्र पर पीत वर्ण (पीला रंग) का ध्यान करते हुए मानसिक जप।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ सिं सिद्ध्यै नमः स्वाहा ।
tantrik mantraॐ अं अणिमायै नमः स्वाहा
navgrah mantraपलाशपुष्पसंकाशं तारकाग्रहमस्तकम्। रौद्रं रौद्रात्मकं घोरं तं केतुं प्रणमाम्यहम्॥
kaamya mantraॐ कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि। नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥
sabar mantraॐ नमो काली कंकाली पीती भर भर रक्त प्याली चाम की गठड़ी हाड़ की माला भजो आनंद सुंदरी बाला भरपूर वसन कर ले उठाई काम क्रोध कलिका माई लेके अपनी भेंट कड़ाई अमुक की छाती घात चलाई घाट में मरघट कालिका आई कालिका ने अमुक की कच्ची कलेजी खाई न खाई तो कीनाराम औघड़ की दुहाई 12
bhakti mantraश्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारे, हे नाथ नारायण वासुदेव