भगवान शिव नाम मंत्र
त्रिपुरारी
तीनों तापों (दैहिक, दैविक, भौतिक) एवं त्रिगुणों (सत्त्व, रज, तम) से पूर्णतः पार जाना।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
तीनों तापों (दैहिक, दैविक, भौतिक) एवं त्रिगुणों (सत्त्व, रज, तम) से पूर्णतः पार जाना।
इस मंत्र से क्या होगा?
तीनों तापों (दैहिक, दैविक, भौतिक) एवं त्रिगुणों (सत्त्व, रज, तम) से पूर्णतः पार जाना
जाप विधि
रुद्राक्ष माला पर ध्यान मग्न होकर, तीनों लोकों को नश्वर मानते हुए।
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